आजमगढ़ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ से गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। एक्सप्रेस-वे के बीच में खड़े होकर फोटो खिंचवाई। इसके बाद 91.35 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे का कार से निरीक्षण कर रहे हैं। इससे पहले सलारपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा- जो बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा में सेंध लगाएगा, उसके लिए यमराज का टिकट रिजर्व करवा देंगे।
सीएम ने कहा- अयोध्या के बाद अब मथुरा-वृंदावन की बारी है। हमारा काम वहां भी शुरू हो चुका है। हम विरासत का संरक्षण भी करेंगे और विकास भी। 2017 के पहले भर्ती आने पर चाचा और भतीजा वसूली करने के लिए निकल गए जाते थे। यानी वहां पर भी भेद होता था। बिना पैसा लिए तो भर्ती ही नहीं होती थी। लेकिन अब कोई भेदभाव नहीं।
उन्होंने कहा, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के नाम पर पहले हमें बेवकूफ बनाया गया। वे विकास नहीं करते थे, बल्कि मुंबई की डी कंपनी से साझेदारी करते थे। सुरक्षा में सेंध लगाते थे। जब कोई आतंकवादी घटना होती थी, तो बदनाम आजमगढ़ होता था।
उत्तर प्रदेश ने विरासत और विकास का एक अद्भुत समन्वय स्थापित किया है। 2017 से पहले प्रदेश में केवल दो एयरपोर्ट थे, अब 16 एयरपोर्ट हो चुके हैं। इनमें से चार को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा दिया गया है। अब हमारे नौजवानों को यूपी में ही रोजगार मिलेगा। इसके लिए एक्सप्रेस-वे के किनारे इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। पहले आजमगढ़ के नाम से लोग डरते थे, लेकिन अब आजमगढ़ अदम्य साहस का गढ़ बन चुका है। पिछले आठ वर्षों में आजमगढ़ की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे चार जिलों- गोरखपुर, संत कबीर नगर, अंबेडकर नगर और आजमगढ़ को जोड़ेगा। यह एक्सप्रेस-वे गोरखपुर के जैतपुर से शुरू होकर आजमगढ़ के सलारपुर तक जाएगा। इस फोरलेन एक्सप्रेस-वे का निर्माण काम 10 फरवरी 2020 को शुरू हुआ।
पांच साल, चार महीने में यह एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार हुआ। इसकी लागत 7,283.28 करोड़ रुपए आई है। इस एक्सप्रेस-वे के माध्यम से आजमगढ़ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होते हुए गोरखपुर से लखनऊ पहुंचने में अब केवल साढ़े तीन घंटे का समय लगेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए माइलस्टोन 25 किमी पर एक रेस्ट एरिया बनाया गया है।
सीएम योगी ने कहा, 1947 से 2017 तक केवल 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं। लेकिन 2017 के बाद हुई भर्ती में एक बार में ही 12045 महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई। यही 2017 से पहले भर्ती होती तो चाचा-भतीजा झोला लेकर वसूली करने निकल जाते। नियुक्ति पत्र बांटने के दौरान लखनऊ में गृहमंत्री जी ने भी कहा- बिना पर्ची और बिना खर्ची के पारदर्शी भर्ती ने उत्तर प्रदेश के नौजवान को उत्तर प्रदेश के लिए समर्पित कर दिया है। पिछले 8 सालों के अंदर अकेले 2 लाख 16 हजार भर्ती केवल पुलिस में हुई। सभी विभाग देखेंगे तो हमनें अब तक साढ़े आठ लाख नौजवानों को नौकरी दी है।
आजमगढ़ से लिंक एक्सप्रेस-वे के रास्त गोरखपुर पहुंचकर सीएम योगी ने दूसरी जनसभा की। इस दौरान उन्होंने कहा, 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। जो कि PM मोदी की ओर से 11 साल पहले दी गई थी। उन्होंने कहा, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी से पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश को लाभ मिलेगा। विकास के लिए जरूरी है गति। गति होगी तो प्रगति होगी। प्रगति होगी तो समृद्धि आएगा। याद रखना 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की क्या स्थिति थी ये किसी से छिपा नहीं है।
सीएम योगी ने कहा, देश की सुरक्षा में कोई सेंध लगाएगा तो आजमगढ़ की पहचान पर संकट नहीं आएगा, बल्कि संकट पैदा करने वाले को पहले से ही जहन्नुम का टिकट दे दिया जाएगा। देश की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं हो सकता। यह नया भारत है। पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से देश के दुश्मनों को स्पष्ट संदेश दिया है।
अब आजमगढ़ दो एक्सप्रेसवे से जुड़ चुका है- एक पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और दूसरा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे। फोरलेन कनेक्टिविटी अब वाराणसी और प्रयागराज से भी हो चुकी है। 2017 से पहले यहां की ब्लैक पॉटरी और साड़ियों को कोई पहचान नहीं मिल पाई थी। हमने चेहरा नहीं देखा, पहचान दिलाई। अब मुबारकपुर की साड़ियों को देश और दुनिया में पहचान मिल रही है।
पहचान को कभी समाप्त नहीं करना चाहिए। जातिवादी राजनीति पर्वों और त्योहारों में विघ्न और बाधा पैदा करती थी। 2007-2008 में शिबली नेशनल कॉलेज में अजीत राय नामक एक छात्र की हत्या केवल इसलिए कर दी गई थी, क्योंकि उसने रिपब्लिक डे पर ‘वंदे मातरम्’ गाने की वकालत की थी। आज आप गर्व से ‘वंदे मातरम्’ गाइए, तिरंगा यात्रा निकालिए, क्योंकि आपकी सुरक्षा की गारंटी अब सरकार उठा रही है।
सीएम योगी ने कहा, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के नाम पर पहले हमें बेवकूफ बनाया गया। 340 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास कर दिया गया, लेकिन जब छह महीने बाद मैं आया तो पता चला कि जमीन ही नहीं है। मैंने पूछा- टेंडर कैसे हो गए? 2016 में टेंडर किया गया था 15,200 करोड़ रुपए का। एक्सप्रेस-वे की चौड़ाई मात्र 110 मीटर थी। मैंने वह टेंडर रद्द कराया और दोबारा टेंडर जारी करवाए।
मैंने यूपीडा के सीईओ अवनीश अवस्थी से कहा- अब 110 नहीं, 120 मीटर चौड़ा एक्सप्रेस-वे बनाइए, ताकि जब हम हाईस्पीड ट्रेन का संचालन करें, तो वह भी एक्सप्रेसवे के साथ-साथ दौड़ सके। हमने यह एक्सप्रेसवे 11,800 करोड़ रुपए में बनाकर जनता को समर्पित किया। जबकि पहले 3 से 4 हजार करोड़ की डकैती डाली जा रही थी।
ये वही लोग हैं, जो आज आपको फिर से ईमानदारी का चेहरा दिखाकर गुमराह करने आ रहे हैं। वे विकास नहीं करते थे, बल्कि मुंबई की डी कंपनी से साझेदारी करते थे। सुरक्षा में सेंध लगाते थे। जब कोई आतंकवादी घटना होती थी, तो बदनाम आजमगढ़ होता था।
सीएम योगी ने कहा, 60,244 पुलिस भर्ती हुई है। इसमें हर जाति, हर संप्रदाय के लोग भर्ती हुए हैं। इसमें तो केवल 12045 बेटियां भर्ती हुई हैं। आज सभी लोग योग की ट्रेनिंग ले रहे हैं। कल योग के कार्यक्रम में भागीदार होंगे। यह पुलिस भर्ती अगर 2017 के पहले हुई होती तो चाचा और भतीजा वसूली करने के लिए निकल गए होते। यानी वहां पर भी भेद होता था। बिना पैसा लिए तो भर्ती ही नहीं होती थी। लेकिन अब कोई भेदभाव नहीं है।