नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली में भारत मंडपम में विश्व वायु परिवहन शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा, ये कार्यक्रम चार दशक बाद भारत में हो रहा है। इन चार दशकों में भारत में बहुत कुछ बदल चुका है।
आज का भारत पहले से कहीं ज्यादा आत्मविश्वास से भरा हुआ है। global aviation ecosystem में हम न केवल एक विशाल मार्केट हैं, बल्कि पॉलिसी लीडरशिप, एनोवेशन और inclusive development के प्रतीक भी हैं। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा Domestic Aviation Market है।
हमारी UDAN योजना की success… Indian civil aviation का एक golden chapter है। अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ(IATA) की 81वीं वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज भारत वैश्विक अंतरिक्ष-विमानन अभिसरण में एक उभरता हुआ लीडर है। दुनिया की बड़ी एविएशन कंपनियों के लिए भारत में निवेश के ये एक बेहतरीन अवसर है। हम चाहते हैं कि दुनिया, भारत को एक aviation मार्केट नहीं, बल्कि एक वैल्यू चेन लीडर के रूप में भी देखे।
हमारी दिशा सही है, हमारी गति सही है… इसलिए हमें विश्वास है कि हम तेजी से आगे बढ़ते रहेंगे। आज भारत Global Space – Aviation Convergence का एक उभरता हुआ लीडर है। 2014 तक भारत में 74 ऑपरेशनल एयरपोर्ट्स थे। आज इनकी संख्या बढ़कर 162 हो चुकी है।
आज हमारे एयरपोर्ट्स की handling capacity हर साल 500 मिलियन यात्रियों तक पहुंच चुकी है। भारत आज दुनिया के उन गिने-चुने देशों में है, जो टेक्नोलॉजी के जरिये यूजर्स एक्सपीरियंस के नए स्टैंडर्स सेट कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मेरा आग्रह है कि मेक इन इंडिया के साथ सभी एविएशन कंपनियां डिजाइन इन इंडिया भी करें। आज भारत में 15% से अधिक पायलट महिलाएं हैं। ये दुनिया की औसत से तीन गुणा ज्यादा है। भारत ड्रोन के जरिए महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को सशक्त कर रहे हैं। इससे खेती में, डिलीवरी में, सर्विसेज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। इस समिट में हम जो चर्चा कर रहे हैं इससे वैश्विक विमानन क्षेत्र को एक नई दिशा मिलेगी… भारत के पास मार्केट है। टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के लिए हमारे पास डेमोग्राफी और टैलेंट है। हमारे युवा नए दौर के इनोवेटर्स हैं। हमारे यहां इंडस्ट्री के लिए खुला और सहायक नीति पारिस्थितिकी तंत्र है। इन तीनों के दम पर हमें भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र को नई ऊंचाई तक लेकर जाना है। आज भारत में 15% से अधिक पायलट महिलाएं हैं। ये दुनिया की औसत से तीन गुणा ज्यादा है। भारत ड्रोन के जरिए महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को सशक्त कर रहे हैं। इससे खेती में, डिलीवरी में, सर्विसेज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। इस समिट में हम जो चर्चा कर रहे हैं इससे वैश्विक विमानन क्षेत्र को एक नई दिशा मिलेगी… भारत के पास मार्केट है। टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के लिए हमारे पास डेमोग्राफी और टैलेंट है। हमारे युवा नए दौर के इनोवेटर्स हैं। हमारे यहां इंडस्ट्री के लिए खुला और सहायक नीति पारिस्थितिकी तंत्र है। इन तीनों के दम पर हमें भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र को नई ऊंचाई तक लेकर जाना है।