इलॉन मस्क ने ट्रम्प सरकार का साथ छोड़ा, जानिए क्या है कारण

मस्क के एक्शन के खिलाफ अप्रैल 2025 में उनके खिलाफ पूरे अमेरिका में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। विरोध के तौर पर यूरोप-अमेरिका में टेस्ला कारें जलाई गईं।

Vin News Network
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इलॉन मस्क ने ट्रम्प सरकार का साथ छोड़ा, जानिए क्या है कारण

वॉशिंगटन डीसी: टेस्ला के मालिक और अमेरिकी अरबपति इलॉन मस्क ने ट्रम्प प्रशासन छोड़ दिया है। उन्होंने भारतीय समय के मुताबिक गुरुवार सुबह 5.30 बजे सोशल मीडिया X पर यह जानकारी दी। मस्क ने कहा कि स्पेशल गवर्नमेंट एंप्लायी के तौर पर मेरा समय पूरा हुआ। उन्होंने इस जिम्मेदारी के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को धन्यवाद भी दिया।


ट्रम्प ने मस्क को डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) का जिम्मा दिया था। जिसका काम सरकार की फिजूलखर्ची कम करना था।मस्क उस बिल का विरोध कर रहे थे जिसे ट्र्म्प ने बिग ब्यूटीफुल बताया था। DOGE छोड़ने से पहले मस्क ने कहा कि DOGE का काम खर्चों में कटौती करना है और यह बिल उस मकसद के खिलाफ है।

जानकारी के मुताबिक, ट्रम्प ने राष्ट्रपति बनने के बाद DOGE प्रमुख के तौर पर मस्क की नियुक्ति 30 मई 2025 तक के लिए ही की थी। यानी जब मस्क ने इस्तीफा दिया, उसके एक दिन बाद ही उनका कार्यकाल खत्म हो रहा था।

मस्क ने DOGE छोड़ने से एक दिन पहले अमेरिकी टीवी चैनल CBS को दिए इंटरव्यू में कहा – राजनीति में जितना करना था कर लिया। अब चंदा नहीं दूंगा। वॉशिंगटन पोस्ट को दिए इंटरव्यू में मस्क ने कहा था, फेडरल ब्यूरोक्रेसी की हालत जितनी सोची थी, उससे कहीं ज्यादा खराब है। ये दोनों बयान संकेत है कि मस्क राजनीति से दूरी बनाएंगे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मस्क अब सरकारी भूमिका से हटकर फिर से टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी अपनी कंपनियों पर ध्यान देने जा रहे हैं।

ट्रम्प ने 2017 में इनकम टैक्स और एस्टेट टैक्स में जो कटौती की थी, यह बिल उसे स्थायी बनाता है। साथ ही टैक्स कटौती को बढ़ाने का प्रस्ताव। ओवरटाइम, टिप्स, और सोशल सिक्योरिटी इनकम पर नए टैक्स कटौती का प्रस्ताव है। व्हाइट हाउस का कहना है कि सालाना 30,000 से 80,000 डॉलर कमाने वालों के टैक्स में अगले साल 15% की कटौती होगी। बॉर्डर सिक्योरिटी (अवैध इमिग्रेश रोकने के लिए) और अमेरिकी सेना व रक्षा को मजबूत करने पर ज्यादा खर्च करने पर जोर। सरकार में फिजूलखर्ची, धोखाधड़ी और दुरुपयोग रोकने के लिए कड़े इंतजाम। डेब्ट सीलिंग यानी सरकार कितना कर्ज ले सकती है, उसकी सीमा बढ़ाना। ये सीमा समय-समय पर बढ़ानी पड़ती है ताकि सरकार अपने बिल और खर्चे चुका सके। अगर इसे नहीं बढ़ाया गया, तो सरकार अपने बिल नहीं चुका पाएगी।

OpenAI ने 22 मई को UAE में एक बड़ा AI डेटा सेंटर बनाने का कॉन्ट्रैक्ट जीता था। मस्क की कंपनी xAI ने भी सौदे में शामिल होने की कोशिश की थी, लेकिन वे नाकाम रहे। अपनी विरोधी कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद मस्क ने ट्रम्प के सलाहकार डेविड सैक्स और बाकी अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए थे।

मस्क ने 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प के लिए 250 मिलियन डॉलर खर्च किए थे। उन्होंने 2026 के मिडटर्म इलेक्शन से पहले ट्रम्प की टीम को 100 मिलियन डॉलर देने का वादा किया था। लेकिन अभी तक यह रकम नहीं दी गई, जिससे ट्रम्प के कई सहयोगी नाराज हैं।

मस्क की DOGE टीम ने ट्रेजरी डिपार्टमेंट और सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन जैसे डेटा सिस्टम तक पहुंच हासिल की, इसे नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा बताया गया। मस्क ने 56,000 सरकारी कर्मचारियों की छंटनी की। इसके खिलाफ 75,000 कर्मचारियों ने स्वैच्छिक बायआउट स्वीकार किया। मस्क ने ईमेल भेजकर सरकारी कर्मचारियों से उनके काम का हिसाब मांगा, जिसे कई गवर्नमेंट एजेंसियों ने नजरअंदाज करने को कहा। USAID और वॉयस ऑफ अमेरिका जैसी एजेंसियों को बंद करने की कोशिश की। इनकी फंडिग या तो रोक दी गई या उसमें भारी कटौती की गई।

मस्क के एक्शन के खिलाफ अप्रैल 2025 में उनके खिलाफ पूरे अमेरिका में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। विरोध के तौर पर यूरोप-अमेरिका में टेस्ला कारें जलाई गईं।​​ मस्क ने डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने का पहली बार समर्थन 13 जुलाई 2024 को सार्वजनिक रूप से किया। इसी दिन ट्रम्प पर पेनसिल्वेनिया में जानलेवा हमला हुआ था। इसके बाद उन्होंने ट्रम्प के अभियान के लिए अमेरिका PAC (पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के माध्यम से लाखों डॉलर का दान देना शुरू किया। 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में मस्क ने ट्रम्प की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि वे इस पद के लिए सही व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने 2020 में जो बाइडेन का समर्थन किया था और 2022 में ट्रम्प के साथ उनकी कुछ तीखी बहस भी हुई थी। मस्क की नीतियों से नाराज अमेरिका और यूरोप के लोगों ने पिछले कुछ महीनों में उनकी इलेक्ट्रिक कार टेस्ला ​​को विरोध को तौर पर जलाया था। लगभग 4 महीने में 100 से ज्यादा कारें जलाई गई थीं।

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