विन न्यूज़ नेटवर्क। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी पोषक तत्वों में विटामिन A की अहम भूमिका है। यह आंखों की रोशनी बनाए रखने, त्वचा को स्वस्थ रखने, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने और बच्चों के सामान्य विकास में मदद करता है। शरीर में इसकी कमी होने पर कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ सकती हैं।
खासतौर पर आंखों से जुड़े लक्षणों को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है। फोर्टिस, ग्रेटर नोएडा के इंटरनल मेडिसिन निदेशक डॉ. दिनेश कुमार के अनुसार, विटामिन A की कमी के कुछ संकेतों को समय रहते पहचानना जरूरी है।
- रात में देखने में होने लगती है परेशानी
विटामिन A की कमी का एक प्रमुख लक्षण रतौंधी है। इस स्थिति में व्यक्ति को रात के समय या कम रोशनी वाली जगहों पर देखने में परेशानी हो सकती है। अंधेरे से उजाले और उजाले से अंधेरे में जाने पर आंखों को परिस्थितियों के अनुसार ढलने में भी अधिक समय लग सकता है।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि विटामिन A आंखों में रोशनी को पहचानने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि रात में देखने में लगातार परेशानी हो रही है, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह लें।
- आंखों में सूखापन और जलन
विटामिन A की कमी होने पर आंखों में रूखापन, जलन और असहजता महसूस हो सकती है। गंभीर मामलों में आंखों की सतह प्रभावित हो सकती है और कॉर्निया को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। समय पर उपचार न मिलने पर दृष्टि को स्थायी नुकसान भी हो सकता है।
हालांकि, आंखों में सूखापन केवल विटामिन A की कमी के कारण नहीं होता। लंबे समय तक स्क्रीन देखने, कुछ दवाओं और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी यह परेशानी हो सकती है। इसलिए सही कारण का पता लगाने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
- त्वचा रूखी और खुरदरी होना
अगर त्वचा लगातार रूखी, खुरदरी या पपड़ीदार बनी रहती है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। विटामिन A त्वचा की कोशिकाओं के सामान्य विकास और उनके स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर त्वचा में बदलाव दिखाई दे सकते हैं।
हालांकि, केवल त्वचा के रूखेपन से विटामिन A की कमी की पुष्टि नहीं की जा सकती। मौसम, पानी की कमी, त्वचा संबंधी रोग और अन्य पोषक तत्वों की कमी भी इसके कारण हो सकते हैं।
- बार-बार संक्रमण होना
विटामिन A शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। बच्चों में विटामिन A की गंभीर कमी विशेष रूप से चिंता का विषय है, क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
यदि किसी व्यक्ति को बार-बार संक्रमण हो रहा है, तो केवल विटामिन की कमी को इसकी वजह न मानें। डॉक्टर से जांच कराकर वास्तविक कारण जानना जरूरी है।
- बच्चों के विकास पर पड़ सकता है असर
बच्चों के शारीरिक विकास और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए विटामिन A महत्वपूर्ण है। इसकी गंभीर कमी से आंखों की रोशनी प्रभावित हो सकती है और समय पर उपचार न मिलने पर स्थायी दृष्टि हानि का खतरा रहता है। इसलिए बच्चों के संतुलित आहार में विटामिन A के पर्याप्त स्रोत शामिल करना जरूरी है।
विटामिन A की कमी से बचने के लिए क्या करें?
गाजर, शकरकंद, पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां और अन्य पीले-नारंगी रंग के फल व सब्जियां विटामिन A के स्रोत हैं। अंडे, दूध और कुछ अन्य पशु-आधारित खाद्य पदार्थों से भी यह पोषक तत्व मिलता है। संतुलित आहार अपनाना इसकी कमी से बचाव में मदद कर सकता है।
ध्यान रखें कि विटामिन A की अधिक मात्रा में सप्लीमेंट लेना नुकसानदायक हो सकता है। बिना डॉक्टर की सलाह के इसकी उच्च खुराक न लें। यदि रात में कम दिखाई देने या आंखों में लगातार परेशानी जैसे लक्षण हों, तो समय रहते चिकित्सकीय जांच कराएं।