विन न्यूज़ नेटवर्क। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज 2-1 से जीतने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों को लेकर टीम इंडिया की रणनीति साफ कर दी है। गिल का मानना है कि अब विश्व कप ज्यादा दूर नहीं है और टीम के पास प्रयोग करने के लिए बहुत ज्यादा समय नहीं बचा है। ऐसे में अगली वनडे सीरीज से भारत को अपने पसंदीदा खिलाड़ियों और मजबूत संयोजन के साथ मैदान पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
भारत ने सीरीज जीती, लेकिन आखिरी मैच में मिली हार
भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम की। हालांकि तीसरे मुकाबले में मेजबान टीम ने भारत को पांच विकेट से हराया। इस सीरीज में भारतीय टीम अपने कई प्रमुख वनडे खिलाड़ियों के बिना उतरी थी, जिसके कारण टीम प्रबंधन को कई बैकअप खिलाड़ियों को मौका देना पड़ा।
एशियन गेम्स के कारण कई बड़े खिलाड़ी रहे बाहर
भारत की पहली पसंद की टी20 टीम एशियन गेम्स में अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने के लिए गई थी। इसके कारण जसप्रीत बुमराह, वनडे उपकप्तान श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ी वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं बन सके।
इसके अलावा हार्दिक पंड्या और प्रसिद्ध कृष्णा की चोट ने भी टीम की परेशानी बढ़ाई। प्रसिद्ध हैमस्ट्रिंग की समस्या के कारण तीसरे वनडे में नहीं खेल सके, जबकि हर्षित राणा भी चोट के चलते उपलब्ध नहीं थे।
बैकअप खिलाड़ियों को मिला खुद को साबित करने का मौका
प्रमुख खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में ऋतुराज गायकवाड़, नमन धीर, अंशुल कंबोज और आकिब नबी जैसे खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिला। वहीं नीतीश कुमार रेड्डी और गुरनूर बराड़ को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किए जा रहे विकल्पों में देखा जा रहा है।
गिल ने माना कि इन खिलाड़ियों के लिए सीरीज महत्वपूर्ण थी, क्योंकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर मिला। हालांकि कप्तान अब चाहते हैं कि टीम के प्रमुख खिलाड़ी उपलब्ध होने पर उन्हें लगातार एक साथ आजमाया जाए।
गिल बोले- चोट और शेड्यूल हमारे हाथ में नहीं
तीसरे वनडे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिल ने माना कि चोट और दूसरे टूर्नामेंट के शेड्यूल के कारण भारत अपनी पसंद की गेंदबाजी लाइन-अप के साथ नहीं खेल सका। उन्होंने कहा कि यह परिस्थितियां टीम के नियंत्रण में नहीं थीं, लेकिन इससे दूसरे खिलाड़ियों को अपनी स्किल दिखाने का मौका जरूर मिला।
अब प्रयोग का समय कम
गिल ने स्पष्ट संकेत दिया कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए अब टीम में लगातार बदलाव करने का दौर कम करना होगा। भारतीय कप्तान चाहते हैं कि जिन खिलाड़ियों के साथ टीम विश्व कप में उतरने की योजना बना रही है, उन्हें जल्द से जल्द एक साथ खेलने का पर्याप्त मौका मिले।
उनका कहना है कि अगली सीरीज से उपलब्ध खिलाड़ियों के साथ उसी संयोजन को आजमाना शुरू किया जाना चाहिए, जिसके साथ भारत विश्व कप में उतरना चाहता है।
न्यूजीलैंड दौरा होगा अगली बड़ी परीक्षा
भारतीय टीम की अगली बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड का दौरा है। इस ऑल-फॉर्मेट दौरे में पांच वनडे, पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय और दो टेस्ट मुकाबले खेले जाएंगे। पांच वनडे मैच भारतीय टीम के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण होंगे।
इस सीरीज में टीम प्रबंधन को बल्लेबाजी क्रम, गेंदबाजी संयोजन, ऑलराउंड विकल्प और प्रमुख खिलाड़ियों की भूमिकाओं को ज्यादा स्पष्ट करने का मौका मिलेगा। 2027 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए न्यूजीलैंड दौरा भारतीय टीम के लिए मजबूत संयोजन तैयार करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।