सूफी संगीत की आवाज बनीं ज्योति नूरां, ‘विकसित भारत सूफी सिंगर अवॉर्ड’ से होंगी सम्मानित

Vin News Network
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ज्योति नूरां को मिलेगा ‘विकसित भारत सूफी सिंगर अवॉर्ड’, नई दिल्ली में होगा सम्मान

विन न्यूज़ नेटवर्क। सूफी संगीत की लोकप्रिय गायिका ज्योति नूरां के नाम एक और उपलब्धि जुड़ने जा रही है। अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल ट्रस्ट की ओर से उन्हें ‘विकसित भारत सूफी सिंगर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। अक्टूबर में नई दिल्ली में होने वाले विशेष समारोह में उन्हें यह पुरस्कार दिया जाएगा। अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल के मैनेजिंग ट्रस्टी प्रो. जसीम मोहम्मद ने रविवार को इस सम्मान की घोषणा की।

अपनी आवाज से बनाई अलग पहचान

ज्योति नूरां अपनी दमदार और भावपूर्ण आवाज के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने सूफी संगीत को अपनी विशिष्ट शैली में प्रस्तुत करते हुए इसे बड़े स्तर पर श्रोताओं तक पहुंचाया है। उनकी गायकी में आध्यात्मिकता, प्रेम, भाईचारे और मानवीय संवेदनाओं की झलक देखने को मिलती है।

प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा कि ज्योति नूरां ने सूफी संगीत को देश की सीमाओं से आगे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका संगीत भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और सूफी परंपरा का संदेश देता है।

सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने की कोशिश

फेस्टिवल ट्रस्ट का मानना है कि भारत के विकास का दायरा केवल आर्थिक और तकनीकी उपलब्धियों तक सीमित नहीं होना चाहिए। देश की कला, साहित्य, संगीत और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी उतना ही जरूरी है।

इसी विचार के तहत अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित कर रहा है। ज्योति नूरां को दिया जाने वाला पुरस्कार भी इसी पहल का हिस्सा है।

सूफी परंपरा का संदेश पहुंचा रहीं ज्योति नूरां

सूफी संगीत भारतीय संस्कृति में प्रेम, शांति, सद्भाव और इंसानियत की भावना को मजबूत करने वाली परंपरा के रूप में देखा जाता है। ज्योति नूरां ने अपनी गायकी के जरिए इस विरासत को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाया है।

उनका सम्मान समकालीन समय में सूफी संगीत के सांस्कृतिक प्रभाव और उसकी प्रासंगिकता को भी रेखांकित करता है। यह पुरस्कार उनके संगीत योगदान के साथ-साथ भारतीय सूफी परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।

राष्ट्रीय स्तर पर संवाद का मंच बन रहा फेस्टिवल

अलीगढ़ लिटरेचर फेस्टिवल साहित्य, कला, संगीत और संस्कृति से जुड़े लोगों को एक मंच उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। आगामी आयोजन में देश के कई साहित्यकारों, कलाकारों, संगीतकारों और सांस्कृतिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों की सहभागिता प्रस्तावित है।

ज्योति नूरां को ‘विकसित भारत सूफी सिंगर अवॉर्ड’ दिया जाना फेस्टिवल की इसी सांस्कृतिक पहल को मजबूती देता है। यह सम्मान भारतीय सूफी संगीत की परंपरा को सम्मान देने के साथ उन कलाकारों को प्रोत्साहित करने का संदेश भी देता है, जो अपनी कला के जरिए भारतीय संस्कृति को दुनिया तक पहुंचा रहे हैं।

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