AI बना रिश्तों का नया हमसफर! सरकारी डेटिंग ऐप ने मिलाए दिल, 265 शादियां कर जापान ने दिखाई नई राह

Vin News Network
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अब बिना स्वाइप के मिलेगी नई पहचान

विन न्यूज़ नेटवर्क। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल कोड लिखने, रिसर्च करने या दफ्तरों के काम आसान बनाने तक सीमित नहीं रह गया है। अब यही तकनीक लोगों को जीवनसाथी ढूंढ़ने में भी मदद कर रही है। दुनिया भर में AI आधारित सेवाओं का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और जापान ने इसे सामाजिक चुनौती से निपटने का माध्यम बना दिया है।

जापान सरकार ने गिरती जन्मदर और कम होती शादियों की संख्या को देखते हुए AI आधारित मैचमेकिंग प्लेटफॉर्म ‘Tokyo Enmusubi’ शुरू किया। इस पहल का उद्देश्य उन लोगों को सुरक्षित और भरोसेमंद मंच देना था जो शादी करना चाहते हैं, लेकिन किसी कारणवश सही साथी नहीं ढूंढ़ पा रहे हैं।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस प्लेटफॉर्म के जरिए अब तक 265 जोड़े शादी के बंधन में बंध चुके हैं, जबकि 760 से अधिक कपल गंभीर रिश्ते में हैं। इन आंकड़ों ने AI आधारित मैचमेकिंग को नई पहचान दिलाई है।

गिरती जन्मदर बनी सरकार की सबसे बड़ी चिंता

जापान कई वर्षों से जनसंख्या संकट का सामना कर रहा है। लगातार घटती जन्मदर और बढ़ती बुजुर्ग आबादी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है।

हालिया आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष जापान में केवल 6.71 लाख बच्चों का जन्म हुआ, जो पिछले 125 वर्षों में सबसे कम माना जा रहा है। वहीं देश की प्रजनन दर 1.14 तक पहुंच चुकी है, जो जनसंख्या को स्थिर बनाए रखने के लिए आवश्यक स्तर से काफी नीचे है।

स्थिति यह है कि देश में जन्म लेने वाले बच्चों की तुलना में मौतों की संख्या दो गुना से भी अधिक हो गई है। यही वजह है कि सरकार अब पारंपरिक नीतियों के साथ तकनीक का भी सहारा ले रही है।

कैसे काम करता है AI मैचमेकिंग प्लेटफॉर्म?

Tokyo Enmusubi सामान्य डेटिंग ऐप्स की तरह नहीं है। यहां कोई भी व्यक्ति सीधे अकाउंट बनाकर प्रोफाइल तैयार नहीं कर सकता।

रजिस्ट्रेशन से पहले प्रत्येक आवेदक को यह साबित करना होता है कि वह कानूनी रूप से अविवाहित है। इसके बाद एक ऑनलाइन इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही उपयोगकर्ता को प्लेटफॉर्म पर शामिल किया जाता है।

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य नकली प्रोफाइल, धोखाधड़ी और असुरक्षित डेटिंग जैसी समस्याओं को कम करना है।

36 हजार आवेदन, लेकिन आधे से भी कम को मिला मौका

सरकारी प्लेटफॉर्म लॉन्च होने के बाद लोगों ने इसमें काफी रुचि दिखाई। करीब 36 हजार लोगों ने आवेदन किया, लेकिन जांच और सत्यापन के बाद केवल करीब 16 हजार लोगों को ही प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण की अनुमति दी गई।

इससे यह सुनिश्चित किया गया कि केवल वास्तविक और गंभीर उम्मीदवार ही इस सेवा का लाभ उठा सकें।

कंपैटिबिलिटी स्कोरिंग ने आसान बनाया साथी चुनना

इस प्लेटफॉर्म की सबसे खास विशेषताओं में से एक इसका AI आधारित कंपैटिबिलिटी स्कोर है। AI उपयोगकर्ताओं की पसंद, रुचियों, जीवनशैली और व्यवहार से जुड़े कई पहलुओं का विश्लेषण करता है। इसके बाद एल्गोरिदम ऐसे लोगों की पहचान करता है जिनकी सोच और प्राथमिकताएं एक-दूसरे से मेल खाती हैं।

एक महिला उपयोगकर्ता ने बताया कि उन्होंने अपने 40वें जन्मदिन से पहले इस ऐप पर पंजीकरण कराया था। कुछ ही समय बाद उनकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई। दोनों के बीच रिश्ता तेजी से आगे बढ़ा और कुछ महीनों के भीतर उन्होंने शादी का फैसला कर लिया।

एक अन्य उपयोगकर्ता के अनुसार, कंपैटिबिलिटी स्कोरिंग फीचर उन लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहा है, जो किसी नए व्यक्ति से मिलने को लेकर असमंजस में रहते हैं।

AI कैसे तय करता है सही मैच?

AI आधारित डेटिंग प्लेटफॉर्म केवल प्रोफाइल की जानकारी पर निर्भर नहीं रहते। ये उपयोगकर्ताओं की पसंद, बातचीत के तरीके, रुचियों और व्यवहार संबंधी पैटर्न का विश्लेषण करते हैं।

इसके लिए मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। AI लाखों डेटा पॉइंट्स का विश्लेषण कर ऐसे लोगों की पहचान करता है जिनके बीच सफल रिश्ते की संभावना अधिक हो सकती है।

यही कारण है कि AI आधारित मैचमेकिंग सेवाओं की लोकप्रियता दुनिया के कई देशों में लगातार बढ़ रही है।

अब बिना स्वाइप के मिलेगी नई पहचान

AI डेटिंग की दुनिया में एक और बड़ा बदलाव आने वाला है। डेटिंग प्लेटफॉर्म Hinge के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी जस्टिन मैकलियोड एक नई AI आधारित डेटिंग ऐप पर काम कर रहे हैं।

इस ऐप की खासियत यह होगी कि इसमें उपयोगकर्ताओं को लगातार प्रोफाइल स्वाइप करने या अजनबियों से लंबी चैट करने की जरूरत नहीं होगी। AI पहले व्यक्ति की पसंद और व्यक्तित्व को समझेगा और तभी किसी नए व्यक्ति से परिचय कराएगा, जब उसे दोनों के बीच बेहतर तालमेल की संभावना दिखाई देगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की तकनीक सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ विकसित की जाती है, तो भविष्य में ऑनलाइन रिश्तों की दुनिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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