लखनऊ में सोमवार को जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरोध में राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक दारुलशफा से विधानसभा की ओर पैदल मार्च के लिए निकले। हालांकि, पुलिस ने पहले से की गई बैरिकेडिंग के जरिए प्रदर्शनकारियों को विधानसभा पहुंचने से पहले ही रोक दिया।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य अपने समर्थकों के साथ पुलिस बैरिकेडिंग के पास ही धरने पर बैठ गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ चल रही कार्रवाई को वापस लेने की मांग की।
छात्रों के भविष्य को लेकर जताई चिंता :
धरने के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि वह शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी पर की जा रही कार्रवाई का सबसे अधिक असर वहां पढ़ने वाले छात्रों पर पड़ेगा। उनके अनुसार किसी भी शिक्षण संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने से हजारों विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य प्रभावित हो सकता है।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक या अन्य कारणों से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण से जुड़े सभी आदेशों पर पुनर्विचार किया जाए और छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।
विधानसभा मार्च को पुलिस ने रोका :
राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के कार्यकर्ता जब दारुलशफा से विधानसभा की ओर बढ़े तो आरएलडी कार्यालय के बाहर पहले से तैनात पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने वहीं बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन स्थल पर पार्टी समर्थकों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर अपनी मांगें रखीं। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।
सरकार से कार्रवाई वापस लेने की मांग :
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय या शिक्षण संस्थान पर कार्रवाई का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों पर पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी के मामले में की जा रही कार्रवाई छात्रों के हितों के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। मौर्य ने चेतावनी दी कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर पार्टी लगातार आवाज उठाती रहेगी।
जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर चल रहा विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के इस प्रदर्शन के जरिए पार्टी ने सरकार की कार्रवाई का विरोध दर्ज कराया और छात्रों के हितों को लेकर अपनी मांगें सामने रखीं।