विन न्यूज़ नेटवर्क। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन और CJP प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। विभिन्न विपक्षी दलों के बाद अब समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद प्रिया सरोज ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
संसद परिसर से बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन हर नागरिक का अधिकार है और छात्रों की मांगों को संवाद के जरिए सुना जाना चाहिए था।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
प्रिया सरोज ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान जिस तरह की कार्रवाई हुई, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका कहना था कि छात्रों के साथ बल प्रयोग की जगह बातचीत का रास्ता अपनाया जाना चाहिए था।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कुछ सुरक्षा कर्मियों की पहचान को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
संवाद से निकल सकता था समाधान- सपा सांसद
सपा सांसद का कहना है कि छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने पहुंचे थे। उनके अनुसार यदि सरकार समय रहते उनसे बातचीत करती और उनकी बात सुनती, तो स्थिति इस स्तर तक नहीं पहुंचती।
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में विरोध की आवाज को बातचीत के माध्यम से संबोधित करना सबसे बेहतर तरीका होता है।
छात्रों के अधिकारों की वकालत
प्रिया सरोज ने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दे केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक महत्व के विषय हैं। उनका मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल लाखों परिवारों को प्रभावित करते हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उनके भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए।
सिविल ड्रेस में कार्रवाई को लेकर सवाल
मीडिया से बातचीत के दौरान प्रिया सरोज ने दावा किया कि प्रदर्शन स्थल पर कुछ लोग सिविल ड्रेस में भी मौजूद थे। उन्होंने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि सुरक्षा व्यवस्था के दौरान कौन-कौन अधिकारी और कर्मचारी तैनात थे तथा कार्रवाई किन निर्देशों के तहत की गई।
उन्होंने कहा कि पारदर्शिता बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल आवश्यकता है।
पेपर लीक और छात्र आंदोलन पर सरकार को घेरा
सपा सांसद ने पेपर लीक के मामलों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आने वाली अनियमितताओं ने युवाओं में असंतोष बढ़ाया है। उनका कहना था कि लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत प्रभावित होने से पूरे समाज में चिंता का माहौल है।
उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की मांग की।
यूपी चुनाव पर भी दिया बयान
प्रिया सरोज ने कहा कि छात्र और युवा वर्ग से जुड़े मुद्दे भविष्य की राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनका मानना है कि शिक्षा, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था जैसे विषय आम जनता के लिए बेहद अहम हैं और इन पर राजनीतिक दलों को गंभीरता से काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता चुनाव के दौरान अपने अनुभव और मुद्दों के आधार पर फैसला करती है।
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद छात्र आंदोलन राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख विषय बन गया है। विपक्षी दल लगातार सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और सभी कदम नियमानुसार उठाए गए हैं।