विन न्यूज़ नेटवर्क। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और उससे पैदा हुए हालात लोगों के लिए गंभीर चुनौती बन गए हैं। रविवार की बारिश के बाद सोमवार को लोरन इलाके में हुए भूस्खलन ने एक बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में चट्टानें और मलबा नीचे आ गिरा, जिसकी चपेट में एक मकान आ गया। इस दर्दनाक घटना में सात लोगों की मौत हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतकों में एक ही परिवार के सदस्य शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
बारिश के बाद ढही पहाड़ी
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, हादसे के समय इलाके में तेज बारिश नहीं हो रही थी। हालांकि, एक दिन पहले हुई लगातार बारिश के कारण पहाड़ों की मिट्टी और चट्टानें कमजोर हो चुकी थीं। इसी वजह से सोमवार को अचानक पहाड़ी का हिस्सा खिसक गया और मलबा सीधे रिहायशी मकान पर आ गिरा।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार वर्षा के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह के भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ जाता है।
मलबे में दबा पूरा परिवार
भूस्खलन के बाद मकान पूरी तरह मलबे में दब गया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। बाद में पुलिस और प्रशासन की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं।
स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों की मदद से मलबे में दबे सभी शवों को बाहर निकाला गया। प्रशासन ने मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दुर्गम इलाके में पहुंचना बना चुनौती
लोरन का क्षेत्र पहाड़ी और दुर्गम होने के कारण राहत एवं बचाव अभियान आसान नहीं रहा। अधिकारियों के अनुसार, बचाव दल को घटनास्थल तक पहुंचने के लिए लगभग चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
प्रशासन ने बताया कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत दल और आवश्यक संसाधन भी प्रभावित क्षेत्र में भेजे जाएंगे।
पहले भी तबाही मचा चुकी है बारिश
पुंछ जिला पिछले दो दिनों से लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहा है। रविवार को सुरनकोट क्षेत्र में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। उस घटना में भी कई लोगों की जान चली गई थी और अनेक घरों व सड़कों को नुकसान पहुंचा था।
लगातार हो रही घटनाओं के कारण स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
23 जुलाई तक मौसम को लेकर अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने जम्मू संभाग के कई जिलों के लिए 23 जुलाई तक खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। विभाग ने भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं की आशंका जताई है।
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
धार्मिक यात्राओं पर भी असर
लगातार खराब मौसम का असर धार्मिक यात्राओं पर भी पड़ा है। सुरक्षा कारणों से जम्मू क्षेत्र से संचालित कई प्रमुख धार्मिक यात्राओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, मौसम सामान्य होने तक श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा संचालन पर निर्णय लिया जाएगा। अमरनाथ यात्रा से जुड़े जत्थों की आवाजाही पर भी मौसम की स्थिति को देखते हुए निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से बरतने को कहा एहतियात
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम विभाग की सलाह का पालन करें और बिना जरूरत पहाड़ी या जोखिम वाले क्षेत्रों की यात्रा न करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन टीम को सूचना देने की भी अपील की गई है।
लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए राहत एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और प्रभावित क्षेत्रों में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।