पश्चिमी ईरान में सोमवार (20 जुलाई 2026) को 5.5 तीव्रता का भूकंप आने से कई इलाकों में धरती कांप उठी। यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था। इसके झटके काहरिज और जावनरुद समेत आसपास के क्षेत्रों में भी महसूस किए गए, जिससे लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया।
काहरिज और जावनरुद के आसपास महसूस हुए झटके
रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप का केंद्र काहरिज शहर से करीब 54 किलोमीटर पश्चिम और जावनरुद शहर से लगभग 33 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था। झटके महसूस होते ही कई लोग एहतियात के तौर पर घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। हालांकि शुरुआती जानकारी के मुताबिक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों का लगातार आकलन कर रही हैं।
सोशल मीडिया पर न्यूक्लियर गतिविधियों से जोड़ने के दावे
भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे ईरान के परमाणु कार्यक्रम या भूमिगत गतिविधियों से जोड़कर दावे किए। हालांकि अंतरराष्ट्रीय भूकंप निगरानी एजेंसियों और विशेषज्ञों ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है। अब तक उपलब्ध वैज्ञानिक आंकड़ों के अनुसार यह एक प्राकृतिक भूकंप माना जा रहा है।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है ईरान
ईरान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। इसकी वजह यह है कि देश कई सक्रिय टेक्टोनिक प्लेटों के संगम क्षेत्र में स्थित है। अरब प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच लगातार होने वाली भूगर्भीय हलचल के कारण यहां समय-समय पर मध्यम और तेज तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में सतर्कता और आपदा प्रबंधन की तैयारी बेहद महत्वपूर्ण होती है।