विन न्यूज़ नेटवर्क। मुंबई के दहिसर ईस्ट स्थित केतकीपाड़ा इलाके में रविवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां पानी से भरी एक खदान में नहाने गए दो कॉलेज छात्रों की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और स्थानीय लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं। पुलिस के मुताबिक, चार दोस्त स्विमिंग करने के लिए खदान पहुंचे थे। इनमें से दो युवक गहरे पानी में चले गए और वापस बाहर नहीं आ सके।
मृतक छात्रों की पहचान
पुलिस ने मृतकों की पहचान 19 वर्षीय पीयूष गुप्ता, निवासी कांदिवली और ओम अंकुश सिंह, निवासी अंधेरी के रूप में की है। दोनों कॉलेज छात्र थे। इनके साथ अमन गिरी और दिवेश पटेल नामक दो अन्य दोस्त भी मौजूद थे, जो हादसे में सुरक्षित बच गए।
दो दिन पहले बनाया था प्लान
प्राथमिक जांच में पता चला है कि चारों दोस्तों ने करीब दो दिन पहले इस खदान में स्विमिंग करने का कार्यक्रम बनाया था। बताया जा रहा है कि मृतकों में से एक छात्र पहले भी इस स्थान पर आ चुका था और उसी ने अपने दोस्तों को यहां आने की सलाह दी थी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि युवकों को खदान की गहराई और वहां मौजूद खतरे की कितनी जानकारी थी।
चेतावनियों के बावजूद पहुंचते हैं लोग
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से इस खदान को खतरनाक क्षेत्र घोषित किया गया है। यहां जाने से रोकने के लिए कई बार चेतावनी जारी की जा चुकी है। इसके बावजूद कुछ लोग अलग-अलग रास्तों से चोरी-छिपे खदान तक पहुंच जाते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गर्मी और बारिश के मौसम में कई युवक यहां तैरने आते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
शराब सेवन की संभावना की भी जांच
घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस को आशंका है कि पानी में उतरने से पहले युवकों ने शराब का सेवन किया हो सकता है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी यह केवल शुरुआती संदेह है और इसकी पुष्टि जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने घटनास्थल से मिले सामान और अन्य सबूतों को भी कब्जे में लिया है।
मौके पर पहुंची पुलिस और बचाव टीम
हादसे की सूचना मिलते ही दहिसर पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद दोनों युवकों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है।
दोस्तों से हो रही पूछताछ
पुलिस अमन गिरी और दिवेश पटेल से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उनके बयान से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि हादसे से पहले क्या हुआ था और क्या किसी तरह की लापरवाही हुई थी। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि युवकों ने सुरक्षा संबंधी चेतावनियों को नजरअंदाज क्यों किया।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
दहिसर और आसपास के इलाकों में स्थित कई पुरानी खदानें बारिश के दौरान पानी से भर जाती हैं। स्थानीय प्रशासन समय-समय पर इन्हें जोखिम भरा क्षेत्र घोषित करता है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद लोग वहां पहुंच जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी खदानों में पानी की गहराई अचानक बढ़ सकती है और नीचे की सतह असमान होने के कारण अनुभवी तैराक भी फंस सकते हैं।
पुलिस ने लोगों से की अपील
दहिसर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित और खतरनाक जलाशयों में तैरने न जाएं। विशेष रूप से युवाओं और अभिभावकों से सावधानी बरतने को कहा गया है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।