बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव अब पूरी तरह चुनावी रंग में आ गया है। इस सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प बन गया है, क्योंकि भाजपा, राजद, जन सुराज और जेजेडी ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं। भाजपा की ओर से अभिषेक कुमार बंटी, राजद से रेखा गुप्ता, जन सुराज से प्रशांत किशोर और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) से वीणा मानवी चुनावी मैदान में हैं।
बांकीपुर सीट को लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। पूर्व विधायक नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई और अब उपचुनाव में भाजपा के सामने अपनी पकड़ बनाए रखने की चुनौती है। वहीं, प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी ने इस मुकाबले को और ज्यादा रोचक बना दिया है। पहली बार खुद चुनाव लड़ रहे प्रशांत किशोर भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा ने अभिषेक कुमार बंटी पर लगाया दांव
भाजपा ने इस उपचुनाव में संगठन से जुड़े युवा नेता अभिषेक कुमार बंटी को उम्मीदवार बनाया है। पटना के रहने वाले अभिषेक लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय रहे हैं और उन्हें भाजपा के मजबूत संगठनात्मक चेहरे के तौर पर देखा जाता है।
उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 1999 में बूथ अध्यक्ष के रूप में की थी। इसके बाद वह पाटलिपुत्र मंडल में मंत्री, मंडल अध्यक्ष और पटना भाजयुमो अध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। भाजपा को उम्मीद है कि उनका संगठनात्मक अनुभव और युवा छवि पार्टी के लिए फायदेमंद साबित होगी।
राजद ने फिर जताया रेखा गुप्ता पर भरोसा
महागठबंधन की ओर से राजद ने रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। वह इससे पहले भी बांकीपुर सीट से चुनाव लड़ चुकी हैं। वैश्य समाज से आने वाली रेखा गुप्ता को राजद शहरी मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने वाले चेहरे के रूप में पेश कर रही है।
राजद इस बार सामाजिक समीकरणों और विपक्षी वोटों के ध्रुवीकरण के सहारे भाजपा को चुनौती देने की तैयारी में है। हालांकि, पिछले चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है।
पहली बार चुनावी मैदान में प्रशांत किशोर
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के लिए बांकीपुर उपचुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर पहली बार खुद चुनाव लड़ रहे हैं। उनकी मौजूदगी ने मुकाबले को बहुकोणीय बना दिया है।
हालांकि, 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज कोई सीट जीतने में सफल नहीं रही थी, लेकिन प्रशांत किशोर की व्यक्तिगत लोकप्रियता और नए राजनीतिक विकल्प के दावे ने इस सीट पर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
जेजेडी की वीणा मानवी भी मुकाबले में
तेज प्रताप यादव की जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) ने सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी को उम्मीदवार बनाया है। वह लंबे समय से महिला सशक्तीकरण और सामाजिक मुद्दों से जुड़े अभियानों में सक्रिय रही हैं।
पार्टी उन्हें सामाजिक सरोकारों से जुड़े चेहरे के रूप में जनता के बीच ले जा रही है। वीणा मानवी की उम्मीदवारी से इस सीट पर मुकाबला और अधिक विविध हो गया है।
भाजपा का पुराना गढ़ रही है बांकीपुर सीट
बांकीपुर विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। इससे पहले इसे पटना वेस्ट विधानसभा सीट के नाम से जाना जाता था। इस सीट का इतिहास भाजपा के पक्ष में रहा है।
1995 के बाद से यह सीट लगातार भाजपा के कब्जे में रही है। पहले नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा ने कई बार यहां से जीत दर्ज की, जिसके बाद उनके पुत्र नितिन नवीन लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे। अब उनके राज्यसभा जाने के बाद भाजपा के सामने इस विरासत को बचाने की चुनौती है।
जातीय समीकरण निभाएंगे अहम भूमिका
बांकीपुर भले ही शहरी विधानसभा सीट है, लेकिन यहां जातीय समीकरण चुनावी रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। माना जाता है कि कायस्थ मतदाता इस सीट पर प्रभाव रखते हैं। इसके अलावा सामान्य वर्ग, यादव और मुस्लिम मतदाता भी चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।
भाजपा जहां अपने पुराने जनाधार और संगठन की ताकत पर भरोसा कर रही है, वहीं विपक्षी दल नए समीकरण बनाने की कोशिश में हैं। प्रशांत किशोर की एंट्री से मुकाबला पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि बांकीपुर में भाजपा अपना मजबूत किला बचा पाती है या फिर प्रशांत किशोर और विपक्षी दल मिलकर चुनावी समीकरण बदलने में सफल होते हैं।