पटना में जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव और उनके निजी सहायक (पीए) मोतीलाल राय के बीच विवाद गहराता जा रहा है। चोरी की शिकायत दर्ज कराने के बाद तेज प्रताप यादव ने मोतीलाल राय के खिलाफ बड़ा संगठनात्मक कदम उठाते हुए उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पद से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय और प्रदेश संगठन को भी भंग करने की घोषणा की है।
मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि मोतीलाल राय ने उनके पटना स्थित 42A हार्डिंग रोड आवास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, कीमती सामान और नकद राशि लेकर फरार होने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि मोतीलाल देर रात दीवार फांदकर घर से बाहर निकले और इस घटना के बाद उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
तेज प्रताप यादव के अनुसार, इस गंभीर आरोप को देखते हुए मोतीलाल राय को पार्टी की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जनशक्ति जनता दल के संगठन का पुनर्गठन जल्द किया जाएगा और नए सिरे से राष्ट्रीय तथा प्रदेश स्तर पर पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।
यह मामला केवल चोरी के आरोप तक सीमित नहीं है। मोतीलाल राय का नाम पहले भी एक अन्य विवाद में सामने आ चुका है। कुछ समय पहले आकाश यादव ने पटना के पाटलिपुत्र थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए तेज प्रताप यादव और मोतीलाल राय पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में कहा गया था कि दोनों ने जबरन घर में प्रवेश किया और धमकी दी। उस मामले में भी मोतीलाल राय का नाम प्रमुख रूप से सामने आया था।
वहीं, ताजा मामले में तेज प्रताप यादव ने दावा किया है कि उनके आवास से करीब 20 लाख रुपये नकद, एक आईफोन और अन्य महत्वपूर्ण सामान गायब हुआ है। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
अब इस पूरे घटनाक्रम पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस विवाद का अगला मोड़ क्या होगा। फिलहाल तेज प्रताप यादव के इस फैसले ने बिहार की राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।