समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने के मामले में कानपुर साइबर क्राइम पुलिस ने महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। पुलिस ने मध्य प्रदेश के रीवा जिले से आरोपी नागेश्वर सिंह बघेल को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई।
शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई
इस मामले की शिकायत सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव ने कानपुर साइबर थाना में दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सोशल मीडिया पर अदिति यादव की एडिटेड तस्वीरें साझा की गईं और उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
डिजिटल ट्रैकिंग से आरोपी तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया गतिविधियों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रैकिंग की मदद से आरोपी नागेश्वर सिंह बघेल की पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम ने मध्य प्रदेश के रीवा पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार मामले में जुटाए गए तकनीकी साक्ष्य जांच का अहम हिस्सा बने।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मामले से जुड़े एक अन्य आरोपी भरत पटेल का सोशल मीडिया अकाउंट अमेरिका से संचालित हो रहा था। उसकी भूमिका और लोकेशन के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं तीसरे आरोपी विनोद कुमार की पहचान जौनपुर निवासी के रूप में हुई है, जो पेशे से ऑटो चालक बताया जा रहा है। पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
कोर्ट में पेशी के बाद मिली जमानत
रविवार को गिरफ्तारी के बाद नागेश्वर सिंह बघेल को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपी को जमानत प्रदान कर दी। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी गहन पड़ताल की जा रही है।
आईटी एक्ट और मानहानि की धाराओं में दर्ज हुआ मामला
शिकायतकर्ता प्रवीण यादव ने 11 जून को दर्ज कराई गई शिकायत में नागेश्वर सिंह बघेल, भरत पटेल और विनोद कुमार के खिलाफ आईटी एक्ट तथा मानहानि से संबंधित आरोप लगाए थे। आरोप है कि इन लोगों ने सोशल मीडिया पर एडिटेड तस्वीरें वायरल कर अभद्र टिप्पणियां कीं, जिससे व्यक्ति विशेष की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
राजनीतिक गलियारों में भी गूंजा मामला
यह मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई थी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि जिन लोगों का परिवार नहीं होता, वे परिवार की पीड़ा को नहीं समझ सकते। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
जांच जारी, आगे हो सकती है और कार्रवाई
कानपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।