NEET UG री-एग्जाम 2026 से पहले बिहार में छात्रों और अभिभावकों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। मुजफ्फरपुर पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया के जरिए NEET समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित प्रश्नपत्र बेचने का झांसा देकर लोगों से पैसे वसूल रहे थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अभिभावकों और छात्रों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनके पास परीक्षा का असली प्रश्नपत्र उपलब्ध है। इसके बदले वे मोटी रकम की मांग करते थे और भुगतान होने के बाद फर्जी पेपर उपलब्ध कराने का वादा करते थे। जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों से पैसे भी लिए गए थे और उन्हें जल्द ही NEET का पेपर भेजने की बात कही गई थी।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब NEET UG 2026 की परीक्षा पहले ही पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के चलते विवादों में रही है। 3 मई 2026 को आयोजित परीक्षा को रद्द कर दिया गया था और अब री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाना है। इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है, जिसमें कई राज्यों से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से छात्रों और उनके परिवारों को फर्जी प्रश्नपत्र बेचने का झांसा देकर धोखाधड़ी करता था। पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क केवल NEET ही नहीं, बल्कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर भी लोगों को ठगने का काम करता था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब 2 जून को पुलिस ने फर्जी पेपर बेचने के आरोप में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने पूरे नेटवर्क की जानकारी दी और कबूल किया कि नकली प्रश्नपत्रों के जरिए छात्रों से ठगी की जा रही थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हर्ष, अमन कुमार, कन्हैया कुमार और हर्ष कनेडिया के रूप में हुई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट, मैसेज या व्यक्ति के बहकावे में न आएं। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करने वाले अधिकांश लोग धोखाधड़ी करते हैं। ऐसे मामलों की सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित एजेंसियों को देने की सलाह दी गई है।