यूरेनियम मुद्दे पर ईरान सख्त, शांति वार्ता के बीच खामेनेई ने अमेरिका की मांग ठुकराई

Vin News Network
Vin News Network
3 Min Read
यूरेनियम मुद्दे पर ईरान सख्त

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने यूरेनियम संवर्धन को लेकर अपना रुख और स्पष्ट कर दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह मुज्तबा खामेनेई ने कहा है कि देश का समृद्ध यूरेनियम भंडार ईरान में ही रहेगा और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस फैसले से अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता और अधिक जटिल हो सकती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल लंबे समय से यह मांग करते रहे हैं कि ईरान अपने इनरीच्ड यूरेनियम के बड़े हिस्से को देश से बाहर हटाए। इसी मुद्दे को शांति समझौते की प्रमुख शर्तों में शामिल माना जा रहा था। हालांकि अब ईरान ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर पीछे हटने के मूड में नहीं है।

सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल को यह आश्वासन दिया था कि किसी भी संभावित समझौते में ईरान के अधिकांश समृद्ध यूरेनियम भंडार को हटाने का प्रावधान शामिल होगा। लेकिन तेहरान के नए रुख ने इस संभावना को कमजोर कर दिया है।

अमेरिका, इजरायल और कई पश्चिमी देश लंबे समय से ईरान पर परमाणु हथियार क्षमता विकसित करने का आरोप लगाते रहे हैं। खासतौर पर तब चिंता और बढ़ गई जब ईरान ने यूरेनियम संवर्धन को 60 प्रतिशत तक पहुंचा दिया। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्तर नागरिक उपयोग की जरूरतों से काफी अधिक माना जाता है और परमाणु हथियार निर्माण के करीब समझा जाता है। हालांकि ईरान लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा है और अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता है।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी साफ कहा है कि जब तक ईरान अपने इनरीच्ड यूरेनियम भंडार को कम नहीं करता, प्रॉक्सी संगठनों को समर्थन बंद नहीं करता और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक नहीं लगाता, तब तक क्षेत्र में स्थायी शांति संभव नहीं है।

मध्य पूर्व में जारी इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच अब दुनिया की नजरें अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच आगे होने वाली बातचीत पर टिकी हुई हैं।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *