उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में 24 घंटे के भीतर तीन लोगों की हत्या कर दहशत फैलाने वाले आरोपी को पुलिस ने देर रात मुठभेड़ में मार गिराया। आरोपी की पहचान पंजाब के अमृतसर निवासी गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जिसने अलग-अलग जगहों पर तीन सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार आरोपी बेहद आक्रामक मानसिक स्थिति में था और पूछताछ के दौरान उसने तीनों हत्याओं की बात स्वीकार भी की थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार देर रात सीन रीक्रिएशन के दौरान आरोपी ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने लगा। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इस दौरान एक सब-इंस्पेक्टर और जीआरपी का एक जवान भी घायल हुए हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने पहली वारदात पैसेंजर ट्रेन में की थी। उसने गाजीपुर निवासी एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी और शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। इसके कुछ घंटों बाद उसने जम्मूतवी एक्सप्रेस में बिहार के एक यात्री को गोली मार दी। दोनों घटनाओं से यात्रियों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
इसके बाद आरोपी चंदौली के एक निजी अस्पताल पहुंचा, जहां उसने इलाज के बहाने प्रवेश किया। अस्पताल के वार्ड में भर्ती बिहार की रहने वाली 56 वर्षीय महिला को उसने सिर में गोली मार दी। घटना के बाद अस्पताल में भगदड़ मच गई। आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन स्थानीय लोगों और एक ऑटो चालक ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। बाद में पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गुरप्रीत सिंह पहले सेना में कार्यरत था, लेकिन कुछ साल पहले नौकरी छोड़ चुका था। हाल ही में वह नौकरी की तलाश में बिहार गया था, जहां शराब की लत के कारण उसे सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद वह लगातार इधर-उधर घूम रहा था।
चिकित्सकों के अनुसार आरोपी मानसिक तनाव और एंग्जायटी डिसऑर्डर जैसी समस्या से भी जूझ रहा था। अस्पताल में जांच के दौरान उसका पल्स रेट सामान्य से अधिक पाया गया था। हालांकि पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि हत्याओं के पीछे केवल मानसिक अस्थिरता थी या कोई और कारण भी शामिल था।
तीनों हत्याओं में एक समान बात यह रही कि आरोपी ने सभी को सिर में गोली मारी। पूछताछ में उसने बताया कि वह यह सुनिश्चित करना चाहता था कि जिस व्यक्ति को गोली लगे उसकी मौके पर ही मौत हो जाए। लगातार हुई इन घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।