तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चेन्नई में अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नड्डा ने राज्य की मौजूदा डीएमके सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि तमिलनाडु एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत वाला राज्य है, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे कई मोर्चों पर कमजोर किया है।
भाजपा ने अपने घोषणापत्र में जनता के लिए कई बड़े वादे किए हैं। पार्टी ने घोषणा की है कि सत्ता में आने पर हर घर की महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये दिए जाएंगे और हर परिवार को एक बार 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा त्योहारों के अवसर पर तीन मुफ्त गैस सिलेंडर देने, महिलाओं की सुरक्षा के लिए जीरो एफआईआर, फास्ट ट्रैक कोर्ट और सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसे कदम भी शामिल हैं। महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्योगों को 50 लाख रुपये तक बिना ब्याज लोन देने का वादा भी किया गया है।
धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर भी भाजपा ने अपने एजेंडे को सामने रखा है। पार्टी ने थाईपूसम को राज्य उत्सव घोषित करने, तिरुपरंकुंद्रम पहाड़ी पर कार्तिगई दीपम परंपरा को फिर से शुरू करने और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण का वादा किया है। वहीं दूसरी ओर रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी जोर दिया गया है, जिसमें चेन्नई-बेंगलुरु और चेन्नई-हैदराबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, कोयंबटूर-तिरुप्पुर-सलेम RRTS और नई वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार जैसी योजनाएं शामिल हैं।
इसी बीच जेपी नड्डा ने डीएमके सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हुई है और तमिलनाडु अपराधों का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके सरकार ने राज्य को कई स्तरों पर कमजोर किया है और जनता अब इसका जवाब चुनाव में देगी। नड्डा ने डीएमके को परिवारवादी पार्टी बताते हुए कहा कि सत्ता कुछ ही लोगों के हाथों में केंद्रित है और पार्टी ने महिलाओं, युवाओं और किसानों के हितों की अनदेखी की है।
भाजपा का यह घोषणापत्र तमिलनाडु चुनाव में राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा रहा है, जहां सभी दल अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ मतदाताओं को साधने में जुटे हुए हैं।