भारतीय सिनेमा की मशहूर और दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि शनिवार को उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था, जिसके बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे देश और फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।
उनके पुत्र आनंद भोसले ने जानकारी दी है कि उनका अंतिम संस्कार सोमवार शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। वहीं सोमवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आम लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें मल्टी ऑर्गन फेलियर की समस्या थी, जिसके चलते उनका निधन हुआ।
आशा भोसले ने अपने लंबे करियर में 20 से अधिक भाषाओं में 12 हजार से ज्यादा गीत गाए और छह दशकों से अधिक समय तक संगीत जगत में अपनी अमिट छाप छोड़ी। 1943 में मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ से शुरुआत करने वाली इस महान गायिका ने 1948 में हिंदी फिल्म ‘चुनरिया’ से बॉलीवुड में कदम रखा था।
उनकी आवाज़ ने ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दम मारो दम’, ‘ये मेरा दिल’, ‘चुरा लिया है तुमने’ और ‘दिल चीज क्या है’ जैसे अनगिनत सदाबहार गीतों को अमर बना दिया। उन्हें अपने योगदान के लिए पद्म विभूषण, दादा साहेब फाल्के पुरस्कार और कई राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था।
आशा भोसले का जाना भारतीय संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनकी आवाज़ और गीत हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे।