गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई और बाजार लाल निशान के साथ बंद हुआ. बाजार गिरने की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी को माना जा रहा है. दिन का कारोबार खत्म होने तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 931 अंक नीचे गिर गया. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 222 अंक टूटकर बंद हुआ.
बाजार में इस उथल-पुथल के पीछे वैश्विक खबरें जिम्मेदार रहीं. एक दिन पहले अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की बात सामने आई थी. इस खबर के बाद कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं. लेकिन गुरुवार को अमेरिका की ओर से युद्धविराम के उल्लंघन की कुछ खबरें आईं. इन खबरों के आते ही तेल की कीमतें फिर से बढ़ने लगीं जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा.
सेंसेक्स की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई थी. सुबह यह करीब 243 अंकों की गिरावट लेकर 77,319 के स्तर पर खुला था. निफ्टी की शुरुआत भी करीब 88 अंकों की गिरावट के साथ हुई थी. जैसे-जैसे दिन बीतता गया बाजार में गिरावट और गहरी होती गई. निवेशक लगातार बिकवाली करते रहे जिससे दोनों ही सूचकांक अपने दिन के निचले स्तरों के करीब पहुंच गए.
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 76,631 के स्तर पर जाकर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 23,775 के स्तर पर आ गया. तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए काफी संवेदनशील माना जाता है. जानकारों के मुताबिक वैश्विक राजनीति में हो रहे बदलाव और युद्ध की स्थिति बाजार की दिशा तय कर रही है. फिलहाल निवेशकों की नजर तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच के ताजा हालातों पर बनी हुई है.