लंदन: पश्चिम एशिया में युद्ध के बादलों और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने दुनिया को कड़ा संदेश दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाटो (NATO) को लेकर दी गई चेतावनियों और वैश्विक दबाव के बावजूद, स्टार्मर ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार किसी के ‘शोर’ से प्रभावित नहीं होगी. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ब्रिटेन की प्राथमिकता उसकी अपनी आर्थिक सुरक्षा और ऊर्जा की स्थिरता है, न कि किसी बाहरी दबाव में आकर युद्ध का हिस्सा बनना.
‘शोर’ बनाम ‘देशहित’: ट्रंप को सीधा जवाब
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नाटो गठबंधन से बाहर निकलने की संभावित धमकियों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टार्मर ने इसे महज ‘दबाव बनाने की राजनीति’ करार दिया. उन्होंने कहा कि नाटो दुनिया का सबसे प्रभावी सैन्य गठबंधन है और ब्रिटेन इसके प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है. स्टार्मर ने आक्रामक अंदाज में कहा, “चाहे कितना भी दबाव बनाया जाए या शोर मचाया जाए, मैं हर फैसला केवल और केवल अपने देशहित को ध्यान में रखकर ही लूँगा. हम किसी के कहने पर अपनी दिशा नहीं बदलेंगे.”
जनता को बड़ी राहत: जुलाई तक फिक्स रहेंगी कीमतें
पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में उछाल आने का डर बना हुआ है. इस पर ब्रिटिश पीएम ने अपनी जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार के ‘फाइव-पॉइंट प्लान’ की वजह से लोगों को तुरंत राहत मिलेगी. उन्होंने एलान किया कि ईरान संकट के बावजूद ब्रिटेन में जुलाई 2026 तक ऊर्जा की कीमतें स्थिर (Fix) कर दी गई हैं. स्टार्मर ने कहा, “आज से आपके एनर्जी बिल कम होंगे क्योंकि हमारे बजट फैसलों का असर दिखने लगा है.”
‘यह हमारी लड़ाई नहीं है’
स्टार्मर ने अपनी विदेश नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि ब्रिटेन इस संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल नहीं होगा. उन्होंने दो टूक कहा, “यह हमारी लड़ाई नहीं है और हम इसमें नहीं फँसेंगे.” उन्होंने रक्षा और आर्थिक भविष्य के लिए यूरोप के साथ करीबी संबंधों को अनिवार्य बताया, जो ब्रेक्सिट के बाद ब्रिटेन की बदलती रणनीति का एक बड़ा संकेत है.
होर्मुज संकट पर ब्रिटेन की बड़ी पहल
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से वैश्विक सप्लाई चेन ठप पड़ने की कगार पर है. इस समस्या के समाधान के लिए ब्रिटेन इस हफ्ते एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बैठक की मेजबानी करने जा रहा है. इसकी अध्यक्षता गृह सचिव यवेट कूपर करेंगी.
लक्ष्य: नेविगेशन की आजादी बहाल करना और फंसे हुए जहाजों व नाविकों को सुरक्षित निकालना.
कूटनीति: ब्रिटेन ने इस मुद्दे पर जी7 (G7) देशों और मिडिल ईस्ट के अपने साझेदारों के साथ 35 देशों का एक बड़ा साझा मोर्चा तैयार किया है.
स्टार्मर का मानना है कि ब्रिटेन में महंगाई कम करने का सबसे सटीक तरीका मिडिल ईस्ट में तनाव कम करना और व्यापारिक रास्तों को फिर से खोलना है.