टी20 वर्ल्ड कप-2026 जीतने के बावजूद भारतीय टीम के किसी भी खिलाड़ी को ICC द्वारा इस महीने के “प्लेयर ऑफ द मंथ” अवॉर्ड के लिए नामित नहीं किया गया। यह फैसला क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के लिए चौंकाने वाला रहा है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने संजू सैमसन, ईशान किशन और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर खिताब अपने नाम किया था लेकिन फिर भी ICC ने इस महीने के नॉमिनेशन में किसी भारतीय को जगह नहीं दी।
आईसीसी हर महीने पुरुष और महिला वर्ग में प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड देती है। इस महीने नॉमिनेशन में शामिल तीन खिलाड़ियों में पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान, इंग्लैंड के विल जैक्स और अमेरिका के शेडली वान शाल्विक के नाम हैं। गौरतलब है कि इनमें से पाकिस्तान की टीम सुपर-8 तक भी नहीं पहुंची थी जबकि अमेरिका की टीम पहले ही दौर से बाहर हो गई थी। फरहान ने टूर्नामेंट में दो शतक सहित कुल 383 रन बनाए और 160.25 की स्ट्राइक रेट से शानदार प्रदर्शन किया। इंग्लैंड के विल जैक्स ने 194 रन बनाए और 11 विकेट लिए। वहीं, शेडली वान शाल्विक ने 13 विकेट अपने नाम किए।
पुरुष वर्ग में भारतीय खिलाड़ियों की उपेक्षा के विपरीत, महिला वर्ग में भारतीय क्रिकेटर अरुंधति रेड्डी को स्थान मिला है। उन्हें श्रीलंका की हर्षिता समाराविक्रमा और पाकिस्तान की फातिमा सना के साथ फरवरी के महिला प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड के लिए नामित किया गया है। अरुंधति रेड्डी ने हाल ही में भारतीय महिला टीम की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में अहम योगदान दिया था। उन्होंने इस सीरीज में सर्वाधिक आठ विकेट लिए थे और टीम की 2-1 से जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस फैसले के बाद क्रिकेट जगत में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करने वाले फैंस और विशेषज्ञों में ICC के निर्णय को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। आलोचकों का मानना है कि टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार योगदान को नकारना अनुचित है, जबकि उनके प्रदर्शन ने पूरी टीम को खिताब दिलाने में मदद की।