भारत तेजी से वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है और एक बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। हाल ही में भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। इस उपलब्धि ने न केवल भारत की आर्थिक ताकत को दर्शाया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि देश विकास की रफ्तार में लगातार आगे बढ़ रहा है।
इसी बीच, Yogi Adityanath का सिंगापुर और जापान दौरा भी चर्चा में है। अपने इस दौरे के दौरान योगी आदित्यनाथ पारंपरिक भगवा वस्त्रों में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नजर आए, जहां वे सूट-बूट पहने वैश्विक प्रतिनिधियों के बीच बैठे दिखे। यह दृश्य अपने आप में भारत की सांस्कृतिक पहचान और बढ़ते वैश्विक प्रभाव का प्रतीक बन गया।
जापान यात्रा के अंतिम चरण में योगी आदित्यनाथ ने यामानाशी प्रांत में अत्याधुनिक हाई-स्पीड लीनियर मैग्लेव ट्रेन का अनुभव लिया। यह ट्रेन दुनिया की सबसे तेज ट्रेनों में गिनी जाती है और तकनीकी प्रगति का प्रतीक मानी जाती है। इस यात्रा को भारत की तेज आर्थिक प्रगति से जोड़कर देखा जा रहा है मानो भारत की अर्थव्यवस्था भी मैग्लेव ट्रेन की गति से आगे बढ़ रही हो।
आर्थिक आंकड़ों की बात करें तो रिपोर्ट्स के अनुसार भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) लगभग 4.18 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जिससे वह जापान को पीछे छोड़ते हुए चौथे स्थान पर आ गया है। फिलहाल वैश्विक अर्थव्यवस्था में United States पहले, China दूसरे और Germany तीसरे स्थान पर हैं।
भारत की विकास यात्रा यहीं नहीं रुक रही। अनुमान है कि 2030 तक भारत का GDP लगभग 7.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जिसके बाद वह जर्मनी को भी पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। सरकार का कहना है कि लगातार मजबूत विकास दर के चलते भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
एक तरफ भारत की आर्थिक उपलब्धियां नई ऊंचाइयों को छू रही हैं, वहीं दूसरी तरफ वैश्विक मंच पर भारतीय नेतृत्व और सांस्कृतिक पहचान भी मजबूती से उभर रही है। योगी आदित्यनाथ का जापान दौरा और मैग्लेव ट्रेन का अनुभव इसी बदलते और तेजी से आगे बढ़ते भारत की तस्वीर पेश करता है।