तिलक नगर में क्रिकेट विवाद ने ली जान, मामूली झगड़ा बना हत्या

Vin News Network
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खेल के दौरान हुई बहस ने लिया खतरनाक रूप

पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर इलाके से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां क्रिकेट खेलते समय हुआ एक मामूली विवाद हिंसक झगड़े में बदल गया और एक युवक की जान चली गई। यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि अब खेल के मैदान भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं।

जानकारी के अनुसार, सोमवार को एक स्थानीय पार्क में कुछ लड़के क्रिकेट खेल रहे थे। खेल के दौरान दो लड़कों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। धीरे-धीरे यह बहस बढ़ती गई और दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। झगड़े में पिटा हुआ एक लड़का गुस्से में अपने घर चला गया।

कुछ समय बाद वह अपने दो रिश्तेदारों को साथ लेकर वापस आया। तीनों सीधे उस लड़के के घर पहुंचे, जिससे उसका विवाद हुआ था। वहां से वे उसे बहाने से पास के पार्क में ले गए। शुरुआत में इसे सामान्य बातचीत समझा गया, लेकिन थोड़ी ही देर में मामला फिर से बिगड़ गया।

शाम करीब 7:20 बजे तीनों लड़कों ने मिलकर निशांत पर हमला कर दिया। उसे बेरहमी से लात-घूंसे और डंडों से पीटा गया। इस हमले में निशांत के सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा और उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने तुरंत उसके परिवार को सूचित किया। परिजन और स्थानीय लोग उसे जल्दबाजी में अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर से पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल बन गया।

निशांत के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर तीन नाबालिगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

मृतक के परिवार ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के दौरान उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया गया। परिवार ने न्याय की मांग करते हुए आरोपियों को सख्त सजा देने की अपील की है।

निशांत की मां ज्योति ने बताया कि उन्हें शुरुआत में लगा था कि यह बच्चों के बीच सामान्य झगड़ा है। उन्होंने कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि मामला इतना गंभीर हो जाएगा और उनके बेटे की जान चली जाएगी।

पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ती हिंसा समाज के लिए कितनी खतरनाक हो सकती है।

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