तमिलनाडु में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के बाद चुनाव आयोग ने सोमवार (23 फरवरी 2026) को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। इस व्यापक पुनरीक्षण के दौरान राज्य में 97,37,831 मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक के अनुसार, संशोधन के बाद अब तमिलनाडु में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 5.43 करोड़ रह गई है। यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से की गई थी।
चुनाव अधिकारियों ने बताया कि हटाए गए नामों में बड़ी संख्या मृत मतदाताओं की थी। इसके अलावा, लगभग 66 लाख नाम विभिन्न कारणों से हटाए गए, जिनमें डुप्लीकेट एंट्री, स्थान परिवर्तन या अपूर्ण जानकारी शामिल हैं। हालांकि, पात्र मतदाताओं को फॉर्म-6 के माध्यम से दोबारा आवेदन करने का अवसर दिया गया है।
इस प्रक्रिया के तहत 12,43,363 लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। जिन मतदाताओं के विवरण में त्रुटियां पाई गईं, उन्हें निर्धारित समय के भीतर आवश्यक दस्तावेज और सेल्फ-डिक्लेरेशन सर्टिफिकेट जमा करने के निर्देश दिए गए थे, ताकि वे सूची में अपना नाम बनाए रख सकें।
मतदाता सूची संशोधन के दौरान भारत निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के 30 जनवरी के निर्देशों का भी पालन किया। इन निर्देशों के अनुसार, जिन नामों को हटाया गया है, उनके कारणों को सार्वजनिक रूप से साझा करना अनिवार्य किया गया था।
अंतिम सूची को ग्राम पंचायत कार्यालयों, सार्वजनिक स्थानों, ब्लॉक और सब-डिवीजन कार्यालयों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में वार्ड कार्यालयों में प्रदर्शित किया गया है। इस कदम को चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।