इस बीच, AI समिट 2026 को लेकर वैश्विक स्तर पर काफी उत्साह देखा जा रहा है। इस कार्यक्रम में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय नेता शामिल होंगे, जिनमें फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron भी मौजूद रहेंगे। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सचिव एस. कृष्णन के अनुसार, प्रधानमंत्री Narendra Modi 19 फरवरी को इस समिट का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन सत्र में लगभग 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों के शामिल होने की संभावना है, जो इस आयोजन के वैश्विक महत्व को दर्शाता है।
वहीं, AI को लेकर अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण पर भी चर्चा तेज हो गई है। ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री Rishi Sunak ने AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान भारत की संभावनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत अपने विशाल प्रतिभा भंडार और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण AI के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।
सुनक ने यह भी बताया कि AI को लेकर दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग सोच देखने को मिलती है। उनके अनुसार, भारत में AI के प्रति काफी सकारात्मक दृष्टिकोण और विश्वास है, जबकि पश्चिमी देशों में इस समय अधिक चिंता और सतर्कता का माहौल है।
AI समिट 2026 न केवल तकनीकी प्रगति पर चर्चा का मंच बनेगा, बल्कि यह वैश्विक सहयोग, नीति निर्माण और भविष्य की रणनीतियों को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बिल गेट्स का भाषण रद्द होना भले ही एक बड़ा बदलाव हो, लेकिन इससे समिट के उद्देश्य और महत्व पर कोई असर नहीं पड़ेगा।