लखनऊ: उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी सेवाओं को आधुनिक और हाईटेक बनाने की दिशा में योगी सरकार आज एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन और ग्रोथ मॉनिटरिंग उपकरण वितरित करेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विकास और पुष्टाहार सेवाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करना है।
इस कार्यक्रम के जरिए न केवल तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है, बल्कि रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार बड़ी सौगात दे रही है। मुख्यमंत्री नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपेंगे। लखनऊ में प्रतीकात्मक रूप से 10 लाभार्थियों को मंच पर नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे, जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से हजारों चयनित अभ्यर्थियों को ये पत्र वितरित किए जाएंगे।
कुपोषण के खिलाफ ‘स्मार्ट’ जंग
सरकार द्वारा दिए जा रहे ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस बच्चों के स्वास्थ्य की सटीक निगरानी में गेम-चेंजर साबित होंगे। इन उपकरणों में शामिल हैं:
- स्टैडियोमीटर: बच्चों की लंबाई मापने के लिए।
- इन्फैंटोमीटर: शिशुओं की सटीक ऊँचाई जांचने के लिए।
- मदर-चाइल्ड वेटिंग स्केल: माँ और बच्चे के वजन की निगरानी के लिए।
इन आधुनिक मशीनों की मदद से अब बच्चों के पोषण स्तर का डाटा सीधे डिजिटल पोर्टल पर दर्ज हो सकेगा। शुरुआती चरण में लगभग 70 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन दिए जाने की प्रक्रिया शुरू हो रही है, जिससे कागजी कार्यवाही कम होगी और योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी बनेगा।
बुनियादी ढांचे को मिलेगी मजबूती
सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प की भी तैयारी है। मुख्यमंत्री आज आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवन डिजाइन का विमोचन करेंगे। इसके साथ ही विभिन्न जिलों में सैकड़ों नए आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल विकास परियोजना कार्यालयों का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया जाएगा। यह कदम उत्तर प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों में बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य ढांचे को बुनियादी रूप से मजबूत करेगा।