वर्ल्ड स्टूडेंट डे 2025: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के प्रेरणादायक विचार, जो हर छात्र को जानने चाहिए

Vin News Network
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'वर्ल्ड स्टूडेंट डे' के अवसर पर डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि
Highlights
  • 15 अक्टूबर को मनाया जाता है वर्ल्ड स्टूडेंट डे, जो डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जन्मदिवस को समर्पित है।
  • डॉ. कलाम के विचार आज भी छात्रों को मेहनत, सपनों और सफलता की ओर प्रेरित करते हैं।

हर वर्ष 15 अक्टूबर को ‘वर्ल्ड स्टूडेंट डे’ के रूप में मनाया जाता है जो शिक्षा, नवाचार और छात्रों की उपलब्धियों का उत्सव है। यह दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को समर्पित है जिनका जन्म 15 अक्टूबर को हुआ था। डॉ. कलाम का जीवन, उनका संघर्ष और उनके विचार आज भी लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने हमेशा शिक्षा, सपनों और कड़ी मेहनत को जीवन का आधार माना। इस खास अवसर पर आइए जानते हैं डॉ. कलाम के वे 7 प्रेरणादायक विचार जो हर छात्र के जीवन को सकारात्मक दिशा में ले जा सकते हैं।

  1. सपनों को देखने से ही बनता है भविष्य
    ‘सपने वो नहीं जो आप नींद में देखते हैं, सपने वो हैं जो आपको नींद नहीं आने देते।’ डॉ. कलाम का मानना था कि बड़े सपने देखना ही सफलता की शुरुआत है। जब आप सच्चे मन से कोई सपना देखते हैं और उसे पाने की ठान लेते हैं तो रास्ते खुद-ब-खुद बनते जाते हैं।
  2. सफलता तब है जब लोग आपका ऑटोग्राफ मांगें
    ‘जब आप पहचान के पीछे नहीं, काम के पीछे भागते हैं तो पहचान खुद चलकर आती है।’ कलाम का यह विचार छात्रों को बताता है कि पहचान का असली मतलब है आपकी मेहनत से मिला सम्मान न कि सिर्फ नाम या पद।
  3. कठिनाइयों में छिपी होती है असली जीत
    ‘जीवन में कठिनाइयाँ हमें रोकने नहीं, बल्कि मजबूत बनाने आती हैं।’ डॉ. कलाम का मानना था कि असली आनंद वही सफलता देती है जो आपने कठिन परिस्थितियों को पार करके प्राप्त की हो।
  4. लक्ष्य के प्रति समर्पण जरूरी है
    ‘अगर लक्ष्य स्पष्ट है और समर्पण पूर्ण है, तो सफलता अवश्य मिलती है।’ हर छात्र को चाहिए कि वह अपने जीवन का एक स्पष्ट लक्ष्य तय करे और उसके प्रति ईमानदारी और लगन से कार्य करे।
  5. पहली सफलता पर रुकना नहीं चाहिए
    ‘पहली जीत के बाद रुकिए मत, क्योंकि अगर आप दूसरी बार असफल हुए तो लोग कहेंगे कि पहली सफलता सिर्फ किस्मत थी।’ कलाम का यह विचार छात्रों को सतत प्रयास और लगातार सुधार के लिए प्रेरित करता है।
  6. सूरज की तरह चमकना है तो जलना भी सीखो
    ‘अगर आप सूरज की तरह चमकना चाहते हैं, तो पहले सूरज की तरह जलना सीखो।’ यह कथन परिश्रम और त्याग का महत्व बताता है। बिना तपे कोई भी महान नहीं बन सकता।
  7. सारा ब्रह्मांड आपका साथ देगा
    ‘आसमान की ओर देखो। हम अकेले नहीं हैं। सारा ब्रह्मांड हमारी मदद करता है जब हम पूरे जुनून से कोई सपना देखते हैं।’ यह विचार हर छात्र को यह भरोसा देता है कि अगर नीयत साफ और मेहनत पूरी हो, तो सफलता जरूर मिलती है।

नतीजा
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिर्फ एक वैज्ञानिक या राष्ट्रपति नहीं थे बल्कि एक आदर्श शिक्षक और युवा प्रेरक थे। वर्ल्ड स्टूडेंट डे के अवसर पर हमें न केवल उनके विचारों को याद करना चाहिए बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारने का प्रयास भी करना चाहिए।

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