कानपुर के सचेंडी इलाके में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने सभी को हिला कर रख दिया। यहाँ एक महिला ने अपने ही भांजे के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी और शव को खेत में दफना दिया। बाद में जब कुत्तों ने हड्डियां बाहर निकाल दीं तो उन हड्डियों को बोरे में भरकर पनकी नहर में फेंक दिया गया।
शिकायत से उजागर हुआ हत्याकांड
एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह के अनुसार, सचेंडी के लालूपुर गांव निवासी सावित्री देवी ने छह मई 2025 को सचेंडी थाने में अपने बेटे शिवबीर (45) के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 30 अक्टूबर 2024 को वह गृह जनपद बांदा गई थीं और पांच सितंबर को वापस आने पर बहू लक्ष्मी ने उन्हें बताया कि शिवबीर किसी नौकरी के सिलसिले में गुजरात चले गए हैं।
लंबे समय तक कोई खबर न मिलने और बहू के जवाब बदलते रहने पर सावित्री देवी को शक हुआ। उन्होंने बहू लक्ष्मी और नाती अमित (जो वास्तव में शिवबीर का भांजा है) के बीच प्रेम संबंध होने की बात भी पुलिस को बताई।
पुलिस की जांच और खुलासा
सावित्री देवी की शिकायत पर पुलिस ने गांव में पूछताछ की। ग्रामीणों ने भी लक्ष्मी और अमित के बीच अवैध संबंध की पुष्टि की। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो अमित ने हत्या की पूरी कहानी कबूल कर ली। पुलिस ने हत्या के लिए अपहरण करने की रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को हिरासत में लिया।
नमक डालकर गलाने की कोशिश
अमित ने बताया कि 2 नवंबर 2024 को जब सावित्री देवी बांदा में थीं, तब लक्ष्मी ने शिवबीर को चाय में नशे की गोली मिलाकर पिला दी थी। शिवबीर के सो जाने पर उसने सिर पर रॉड (साबड़) से तीन वार किए और हत्या कर दी। इसके बाद शव को घर के पीछे खेत में गाड़ दिया और गलाने के लिए उस पर नमक डाल दिया। कुछ समय बाद कुत्तों ने शव की हड्डियां बाहर निकाल दीं। इस पर लक्ष्मी और अमित ने हड्डियों को बोरी में भरकर पनकी नहर में फेंक दिया।
बच्चों के सामने हुआ वारदात
पुलिस के मुताबिक, हत्या के दौरान शोर सुनकर लक्ष्मी के 13 वर्षीय बेटी और आठ वर्षीय बेटे की नींद खुल गई थी। लक्ष्मी ने दोनों को समझाकर शांत कर दिया। घटना के समय उसका 18 वर्षीय बड़ा बेटा घर में नहीं था। अमित हाथ से दिव्यांग है लेकिन इसके बावजूद उसने वारदात को अंजाम देने में लक्ष्मी का साथ दिया।
सबूतों से झुकी गर्दन
शुरुआत में लक्ष्मी और अमित ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन जब पुलिस ने उनके बीच रात-रात भर हुई कॉल डिटेल सामने रखी तो दोनों टूट गए और अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए साबड़ और फावड़ा भी घर से बरामद कर लिया है। दोनों ने कबूला कि उन्होंने साबड़ से शिवबीर के सिर पर तीन वार किए थे।
फॉरेंसिक टीम जुटा रही साक्ष्य
पुलिस दोनों को उस स्थान पर भी लेकर गई जहां शव को गाड़ा गया था। वहां फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस को शिवबीर की उंगलियों की हड्डियों के अवशेष मिले हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश कर रही है और दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है।
समाज में सनसनी
इस हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया है। लोग हैरान हैं कि एक महिला ने भांजे के प्यार में अपने ही पति की हत्या कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि लक्ष्मी और अमित के संबंध लंबे समय से चल रहे थे। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या, सबूत मिटाने और अपहरण की धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
कानपुर के सचेंडी का यह मामला रिश्तों के कत्ल की भयावह तस्वीर पेश करता है। महिला ने अपने भांजे के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी और लंबे समय तक गुनाह छुपाने की कोशिश की। लेकिन आखिरकार पुलिस की जांच और सावित्री देवी की शिकायत ने इस काले सच से पर्दा हटा दिया।