समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के परिवार में एक बार फिर पारिवारिक विवाद सामने आया है। इस बार विवाद की वजह बने हैं उनके बेटे प्रतीक यादव, जिन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी पत्नी अपर्णा यादव के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए उनसे जल्द से जल्द तलाक लेने की बात कही है। प्रतीक यादव ने यह बातें अपने सत्यापित इंस्टाग्राम अकाउंट पर की गई पोस्ट के जरिए कही हैं, जिनके बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
सोमवार को प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल ‘iamprateekyadav’ से दो पोस्ट साझा कीं, जिनमें उन्होंने अपनी पत्नी अपर्णा यादव को “स्वार्थी”, “परिवार तोड़ने वाली” और “ख्याति व प्रभाव की भूखी” बताया। उन्होंने दावा किया कि अपर्णा के व्यवहार की वजह से उनके पारिवारिक रिश्ते टूट गए और वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं।
प्रतीक यादव ने अपनी एक पोस्ट में लिखा कि वह इस “स्वार्थी महिला” से जल्द से जल्द तलाक लेने जा रहे हैं। उनके अनुसार, अपर्णा यादव ने न केवल उनके परिवार को तोड़ा, बल्कि उनकी मानसिक स्थिति पर भी गंभीर असर डाला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को केवल प्रसिद्धि और राजनीतिक प्रभाव की चिंता है, परिवार या रिश्तों की नहीं।
हालांकि, इस पूरे विवाद के पीछे की वास्तविक वजह अभी तक सामने नहीं आ पाई है। न तो समाजवादी पार्टी और न ही भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है। अपर्णा यादव की ओर से भी अब तक इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया गया है।
गौरतलब है कि अपर्णा यादव वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की नेता हैं और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने मार्च 2022 में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी और उसी वर्ष पार्टी के लिए प्रचार भी किया था। सितंबर 2024 में उन्हें महिला आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था, जिसके बाद उनकी राजनीतिक सक्रियता और बढ़ गई।
अपर्णा यादव इससे पहले समाजवादी पार्टी में थीं। उन्होंने वर्ष 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लखनऊ कैंट सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें कांग्रेस की उम्मीदवार रीता बहुगुणा जोशी से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद धीरे-धीरे उन्होंने सपा से दूरी बनाई और अंततः भाजपा में शामिल हो गईं।
प्रतीक यादव ने अपनी पोस्ट में कहा कि उनकी पत्नी ने उनके पारिवारिक संबंधों को पूरी तरह तोड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि अपर्णा की वजह से उनका रिश्ता अपनी मां, पिता और भाई से खराब हो गया। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में अपर्णा जैसी “खुदगर्ज और झूठी” इंसान कभी नहीं देखी।
प्रतीक यादव ने यह भी कहा कि वह इस समय गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं, लेकिन उनकी पत्नी को इसकी कोई परवाह नहीं है। उन्होंने लिखा कि उनकी पत्नी केवल अपने बारे में सोचती है और दूसरों की भावनाओं या स्थिति की कोई चिंता नहीं करती। इन बयानों में उन्होंने बेहद भावनात्मक और तीखी भाषा का इस्तेमाल किया है।
दोनों इंस्टाग्राम पोस्ट के साथ प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव की तस्वीरें भी साझा कीं, जिससे मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया। सोशल मीडिया पर इन पोस्टों को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे निजी मामला बताते हुए सार्वजनिक मंच पर ऐसे आरोप लगाने की आलोचना कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे यादव परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहे तनाव का परिणाम मान रहे हैं।
प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना यादव के बेटे हैं। उनके सौतेले भाई अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। यादव परिवार में राजनीतिक और पारिवारिक मतभेद पहले भी कई बार सार्वजनिक हो चुके हैं, लेकिन प्रतीक यादव और अपर्णा यादव का यह विवाद पहली बार इतने खुले रूप में सामने आया है।
प्रतीक और अपर्णा यादव की शादी वर्ष 2011 में हुई थी। दोनों की एक बेटी भी है। शादी के शुरुआती वर्षों में अपर्णा यादव अक्सर सपा परिवार की बहू के रूप में सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आती थीं। बाद के वर्षों में उनकी राजनीतिक पहचान अलग दिशा में बढ़ती चली गई, जिससे परिवार के भीतर मतभेद की अटकलें लगाई जाती रही हैं।
प्रतीक यादव के आरोपों की सत्यता की पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने औपचारिक रूप से तलाक की प्रक्रिया शुरू की है या नहीं। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित है, लेकिन इसकी गूंज राजनीति और मीडिया दोनों में सुनाई दे रही है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के निजी विवादों का सार्वजनिक मंच पर आना न केवल व्यक्तिगत रिश्तों को और बिगाड़ता है, बल्कि राजनीतिक छवि पर भी असर डालता है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अपर्णा यादव या दोनों दलों की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं।
प्रतीक यादव के बयान ने यादव परिवार के भीतर एक और तनावपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है, जिसने निजी जीवन और राजनीति की सीमाओं को एक बार फिर धुंधला कर दिया है।