कब मिले थे अपर्णा यादव और प्रतीक यादव, कैसे शुरू हुई दोस्ती और 13 साल बाद क्यों टूटा रिश्ता? जानिए पूरी कहानी

Vin News Network
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स्कूल की दोस्ती से शुरू हुई अपर्णा और प्रतीक यादव की प्रेम कहानी 13 साल की शादी के बाद तलाक की कगार पर

राजनीति और निजी जीवन अक्सर एक-दूसरे से अलग नहीं रहते। उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ा एक ऐसा ही नाम है अपर्णा यादव और प्रतीक यादव, जिनकी निजी जिंदगी एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह है—दोनों के बीच तलाक की घोषणा, जो खुद प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक की। करीब 13 साल की शादी और एक बेटी के माता-पिता होने के बावजूद दोनों ने अलग होने का फैसला लिया है। इस खबर के सामने आते ही लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर उनकी प्रेम कहानी कैसे शुरू हुई थी और कैसे यह रिश्ता आज इस मोड़ पर पहुंच गया।

स्कूल के दिनों में हुई थी पहली पहचान

अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। दोनों की पहचान स्कूल के दिनों में हुई थी। हालांकि, दोनों लखनऊ के अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते थे, लेकिन शहर में होने वाले इंटर-स्कूल कार्यक्रमों के दौरान उनकी मुलाकातें होती रहती थीं। उस उम्र में दोस्ती होना आम बात थी, लेकिन इन दोनों के बीच बातचीत और मेलजोल धीरे-धीरे खास होता चला गया।

दोनों के कई कॉमन दोस्त थे, जिन्होंने इस दोस्ती को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। जब भी किसी कार्यक्रम या फंक्शन में मुलाकात होती, दोनों घंटों बातचीत करते। उस समय यह सिर्फ दोस्ती थी, लेकिन समय के साथ यह रिश्ता गहराता चला गया।

जब अपर्णा को नहीं पता था प्रतीक का राजनीतिक परिवार

इस प्रेम कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि शुरुआत में अपर्णा यादव को यह तक नहीं पता था कि प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे हैं। यह रिश्ता किसी राजनीतिक पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि पूरी तरह व्यक्तिगत जुड़ाव पर टिका था।

साल 2001 में एक बर्थडे पार्टी के दौरान दोनों की मुलाकात ने इस दोस्ती को नया मोड़ दिया। उस दौर में मोबाइल फोन आम नहीं थे और सोशल मीडिया जैसी चीजें तो दूर की बात थीं। उसी पार्टी में प्रतीक यादव ने अपर्णा से उनकी ई-मेल आईडी मांगी। अपर्णा को तब शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि यह एक छोटी-सी मांग उनकी जिंदगी की दिशा बदल देगी।

ई-मेल से शुरू हुआ प्यार

कुछ दिनों बाद जब अपर्णा ने अपना ई-मेल अकाउंट खोला, तो उन्होंने देखा कि प्रतीक की तरफ से कई मेल आए हुए हैं। इन ई-मेल्स में प्रतीक ने अपने दिल की बातें लिखी थीं और पहली बार अपने प्यार का इज़हार किया था। यह वही दौर था जब लोग भावनाओं को शब्दों में ढालकर लंबे-लंबे मेल लिखा करते थे।

ई-मेल के जरिए शुरू हुआ यह सिलसिला जल्द ही गहरी बातचीत और मुलाकातों में बदल गया। दोनों एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझने लगे। दोस्ती अब प्यार में बदल चुकी थी, लेकिन दोनों ने जल्दबाज़ी नहीं की।

11 साल तक चला लंबा रिलेशनशिप

अपर्णा यादव और प्रतीक यादव ने करीब 11 साल तक एक-दूसरे को डेट किया। यह समय उनके रिश्ते की परीक्षा का दौर भी था। राजनीतिक परिवार से जुड़ाव, सामाजिक दबाव और निजी महत्वाकांक्षाओं के बावजूद दोनों ने अपने रिश्ते को समय दिया।

इन 11 वर्षों में उन्होंने एक-दूसरे को हर परिस्थिति में समझा, परिवारों को भरोसे में लिया और अंततः शादी का फैसला किया। खास बात यह रही कि यह शादी पूरी तरह परिवार की सहमति से हुई।

2012 की हाई-प्रोफाइल शादी

साल 2012 में अपर्णा यादव और प्रतीक यादव ने शादी की। यह उस समय की सबसे हाई-प्रोफाइल शादियों में से एक मानी गई। राजनीतिक, उद्योग और फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियां इस शादी में शामिल हुई थीं। अनिल अंबानी से लेकर अमिताभ बच्चन तक, कई नामचीन चेहरे इस समारोह का हिस्सा बने।

शादी के बाद अपर्णा यादव को मुलायम सिंह यादव के परिवार की बहू के रूप में जाना जाने लगा। वहीं प्रतीक यादव, समाजवादी परिवार की अगली पीढ़ी के सदस्य के तौर पर चर्चा में रहते थे।

परिवार और बेटी प्रथमा

शादी के कुछ साल बाद दोनों के घर एक बेटी का जन्म हुआ, जिसका नाम प्रथमा रखा गया। बेटी के आने के बाद यह माना जाने लगा कि दोनों का वैवाहिक जीवन स्थिर और खुशहाल है। सार्वजनिक मंचों पर दोनों अक्सर साथ दिखाई देते थे।

राजनीति में अपर्णा यादव की एंट्री

अपर्णा यादव ने धीरे-धीरे राजनीति में कदम रखा। साल 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्होंने लखनऊ कैंट सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा। हालांकि, उन्हें भाजपा नेता रीता बहुगुणा जोशी से हार का सामना करना पड़ा।

इसके बाद साल 2022 में अपर्णा यादव ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जॉइन कर ली। इस फैसले ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। अखिलेश यादव ने तब बयान दिया था कि नेता जी (मुलायम सिंह यादव) ने अपर्णा को समझाने की कोशिश की थी।

वर्तमान समय में अपर्णा यादव उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं।

13 साल बाद रिश्ते में आई दरार

सब कुछ सामान्य दिखने के बावजूद, शादी के 13 साल बाद इस रिश्ते में दरार आ गई। यह जानकारी खुद प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दी। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा कि वह जल्द ही अपर्णा यादव से तलाक लेने जा रहे हैं।

प्रतीक यादव ने अपनी पोस्ट में अपर्णा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अपर्णा ने उनके पारिवारिक रिश्तों को नुकसान पहुंचाया है और उनकी प्राथमिकता केवल प्रसिद्ध और प्रभावशाली बनना है।

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर आरोप

प्रतीक यादव ने यह भी दावा किया कि वह इस समय मानसिक रूप से कठिन दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन अपर्णा ने इस ओर कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई। उन्होंने लिखा कि उन्हें इस मुश्किल समय में सहयोग की जरूरत थी, जो उन्हें नहीं मिला।

इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया। लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे।

अपर्णा यादव की ओर से चुप्पी

हालांकि, इस पूरे विवाद पर अपर्णा यादव की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उन्होंने न तो आरोपों पर जवाब दिया है और न ही तलाक की पुष्टि की है। ऐसे में यह मामला फिलहाल एकतरफा बयान के आधार पर ही चर्चा में है।

राजनीतिक और निजी जीवन का टकराव

अपर्णा और प्रतीक यादव की कहानी इस बात का उदाहरण है कि कैसे निजी रिश्ते और राजनीतिक जीवन कई बार टकरा जाते हैं। स्कूल की दोस्ती से शुरू हुआ यह रिश्ता 11 साल के प्रेम और 13 साल की शादी के बाद आज टूटने की कगार पर खड़ा है।

अब आगे क्या?

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि तलाक की प्रक्रिया कब और कैसे पूरी होगी। दोनों के बीच कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई है या नहीं, इस पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। लेकिन इतना तय है कि यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का विषय बना रहेगा।

एक तरफ यह कहानी फिल्मी प्रेम की तरह शुरू हुई थी, तो दूसरी तरफ इसका अंत कड़वे आरोपों और खामोशी में होता दिख रहा है। यह रिश्ता अब इतिहास का हिस्सा बनने जा रहा है, लेकिन इससे जुड़ी चर्चाएं अभी लंबे समय तक चलती रहेंगी।

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