क्रिकेट में कई रोमांचक तरीके होते हैं मैच के परिणाम निकालने के, लेकिन जब बात बॉल आउट (Bowl-Out) की होती है तो फैन्स को 2007 का भारत-पाकिस्तान मुकाबला जरूर याद आता है। 18 साल बाद एक बार फिर WCL (World Cricket League) में बॉल आउट देखने को मिला, जिसने पुराने पलों को ताजा कर दिया।
क्या होता है बॉल आउट?
बॉल आउट उस स्थिति में होता है जब कोई मैच टाई हो जाता है और निर्णय किसी सुपर ओवर से नहीं लिया जा सकता। इसमें दोनों टीमों के 5-5 गेंदबाज़ बारी-बारी से गेंद फेंकते हैं और गेंदबाज़ को स्टंप्स पर सीधा हिट करना होता है। जो टीम ज्यादा हिट करती है, वो विजेता बनती है।
WCL में फिर लौटा बॉल आउट
18 साल बाद WCL के एक रोमांचक मैच में दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहा। मैदान गीला होने के कारण सुपर ओवर संभव नहीं था। ऐसे में निर्णायक तरीका निकाला गया – बॉल आउट। दर्शकों ने इस ऐतिहासिक नजारे को बड़े उत्साह से देखा।
भारत-पाकिस्तान का 2007 मुकाबला क्यों याद आता है?
टी-20 वर्ल्ड कप 2007 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले में भी स्कोर बराबर था। उस समय भी बॉल आउट के जरिए मैच का नतीजा निकाला गया था जिसमें भारत ने पाकिस्तान को 3-0 से हरा दिया था। युवराज, हरभजन और उथप्पा ने शानदार हिट की थी।