देहरादून : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड परिवहन निगम द्वारा शुरू की गई 20 नई वातानुकूलित यूटीसी मिनी (टैंपो ट्रेवलर) सेवाओं को कैंप कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। देहरादून-मसूरी और हल्द्वानी-नैनीताल जैसे प्रमुख पर्यटन मार्गों पर इन सुविधाजनक वाहनों का संचालन किया जाएगा।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, ट्रैफिक समस्या को ध्यान में रखते हुए यह एक नई और सार्थक पहल शुरू की गई है, जिससे न केवल यात्रियों को आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी सशक्त होगी। हमारी सरकार प्रदेश में यातायात और परिवहन तंत्र को आधुनिक व पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जल्द ही परिवहन निगम के बेड़े में नई इलेक्ट्रिक बसों को भी शामिल किया जाएगा, जिसकी खरीद प्रक्रिया प्रगति पर है।
शुरुआती चरण में मसूरी से देहरादून और हल्द्वानी से नैनीताल के लिए 10 टेंपो ट्रैवलर शुरू किए गए हैं। ज्यादा वाहनों की वजह से लोगों को पार्किंग से लेकर ट्रैफिक में काफी दिक्कतें आती हैं, लोगों को इसके जरिए सस्ती दरों पर अच्छी सुलभ सुविधाएं मिल सकेंगी, हमने इसकी शुरुआत की है और इसे हम आगे भी बढ़ाएंगे ताकि लोगों को कोई दिक्कत न हो।
सीएम धामी ने प्रातः कालीन बैठक में अधिकारियों को पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन की शुरुआत करने के निर्देश दिए। कुमाऊं क्षेत्र में यह मैराथन गुंजी से आदि कैलाश और गढ़वाल में नीति माणा से लेकर मलारी तक आयोजित की जाए। अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि इस आयोजन को वार्षिक पर्यटन कैलेंडर में शामिल किया जाए और हर वर्ष निर्धारित तिथि पर इसका नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अधिकारियों को आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक सशक्त बनाने के साथ ही तय समय पर प्रभावितों को सहायता राशि उपलब्ध कराने हेतु भी निर्देशित किया। सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़/सोलर फेंसिंग के संबंध में योजना बनाई जाए।
उत्तराखंड में मानसून और भूस्खलन की घटनाओं पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, मौसम विभाग जैसे भविष्यवाणी कर रहा है उसके आधार पर हम काम कर रहे हैं। उत्तर काशी क्षेत्र में 2 जगह सड़क मार्ग पूरी तरह से कट गया है, उसपर काम चल रहा है। निरंतर सभी स्थानों पर बचाव और राहत कार्य निरंतर चलाए जा रहे हैं… आपदा हमारे लिए चुनौती है। आपदा का असर कम हो इसलिए मॉक ड्रिल भी इस बार हुई हैं, बैठकें भी की गई हैं
चमोली DM संदीप तिवारी ने कहा, भौगोलिक संस्थाओं ने चमोली उपमंडल के लिए भूस्खलन की संभावना को लेकर अलर्ट जारी किया है। सभी अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए गए हैं और आज सुबह भारी बारिश हुई जिसके कारण नंदप्रयाग और उमट्टा में भूस्खलन भी हुआ जिसे साफ कर दिया गया है। फिलहाल मौसम साफ है, यात्रा भी जारी है। जिले में 29 मार्ग भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हैं, जिन्हें खोलने का काम जारी है।