उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार, 23 दिसंबर 2025 को जानकारी दी कि राज्य में Right to Education (RTE) Act के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। इस साल अब तक 1.40 लाख से अधिक बच्चों को RTE के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश मिला है।
सरकारी बयान के अनुसार, “उत्तर प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों का निजी स्कूलों में RTE के तहत प्रवेश पिछले वर्षों की तुलना में रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। यह योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा लागू की गई नीतियों का सकारात्मक प्रभाव दर्शाता है। 2025–26 शैक्षणिक सत्र में अब तक 1.40 लाख से अधिक बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिया जा चुका है। पिछले पांच वर्षों में इस योजना के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश पाने वाले छात्रों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है।”
राज्य सरकार का कहना है कि इस वृद्धि का मुख्य कारण RTE के तहत निजी स्कूलों में आरक्षित सीटों के सुचारू और पारदर्शी तरीके से आवंटन में सुधार है। इसके अलावा, सरकार ने शिक्षा विभाग और निजी विद्यालयों के बीच समन्वय बढ़ाया है, जिससे अभिभावकों और बच्चों के लिए प्रवेश प्रक्रिया सरल और आसान हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि RTE योजना के तहत निजी स्कूलों में बढ़ते प्रवेश से न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए बेहतर भविष्य की संभावनाएँ भी बढ़ेंगी। इससे शैक्षिक समानता बढ़ेगी और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।
सरकार ने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से RTE के तहत दाखिले की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और त्वरित बनाया गया है। इससे अभिभावक आसानी से आवेदन कर सकते हैं और बच्चों का चयन सही और निष्पक्ष तरीके से हो रहा है।
राज्य में RTE के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश की यह संख्या 2025–26 के शैक्षणिक सत्र में अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में सरकार इस योजना को और प्रभावी बनाने के लिए नए सुधार लागू कर सकती है। इसमें निजी स्कूलों में आरक्षित सीटों की संख्या में वृद्धि और दाखिले की प्रक्रिया में तकनीकी सुधार शामिल हैं।
योगी सरकार की नीतियों और योजनाओं के कारण अब वंचित वर्ग के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में प्रवेश आसान हो गया है। शिक्षा विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी योग्य बच्चे RTE के तहत दाखिला पा सकें और उनकी पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इस प्रकार, उत्तर प्रदेश में RTE के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश में यह रिकॉर्ड वृद्धि राज्य सरकार की शिक्षा नीति और योजना के सफल कार्यान्वयन का प्रमाण है। यह कदम राज्य में गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इस बढ़ोतरी से न केवल बच्चों के शैक्षणिक भविष्य को मजबूती मिलेगी, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। सरकारी आंकड़े और नीतिगत सुधार यह दर्शाते हैं कि RTE योजना ने उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।