भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के ऐलान के साथ एक और घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस द्वारा जारी नए नक्शे में पूरे जम्मू-कश्मीर, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया है। इस कदम ने पाकिस्तान को असहज कर दिया है और चीन की चिंताओं को भी हवा दी है।
हालांकि भारत लंबे समय से यह स्पष्ट करता आया है कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न अंग है, लेकिन अमेरिका की ओर से इस तरह का नक्शा जारी किया जाना कूटनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। अब तक अमेरिका की सरकारी एजेंसियां PoK के मुद्दे पर संतुलित रुख अपनाती रही थीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव अमेरिका की नीति में एक संकेतात्मक परिवर्तन दर्शाता है। खास बात यह है कि यह नक्शा ऐसे समय में जारी किया गया है, जब भारत-अमेरिका ट्रेड डील के तहत टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
इस नक्शे में अक्साई चिन को भी भारत का हिस्सा दिखाया गया है, जिस पर चीन लंबे समय से दावा करता रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका अब भारत की क्षेत्रीय चिंताओं को अधिक महत्व दे रहा है।
रणनीतिक मामलों के जानकारों ने इस कदम को भारत के लिए कूटनीतिक जीत बताया है। पाकिस्तान के लिए यह नक्शा एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर की जा रही कूटनीतिक कोशिशों को इससे नुकसान पहुंच सकता है।
ट्रेड डील की बात करें तो इससे भारत को स्टील, एल्युमिनियम, फार्मा, ऑटो और ऑटो पार्ट्स सेक्टर में राहत मिली है। वहीं कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भारत ने अपने हितों की रक्षा की है।
अमेरिका द्वारा जारी किया गया यह नक्शा केवल एक भौगोलिक दस्तावेज नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक समीकरणों का संकेत है, जिसमें भारत की स्थिति पहले से कहीं मजबूत नजर आ रही है।