अबूधाबी: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के वैश्विक भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ओपनएआइ और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने साझेदारी की है, जिसके तहत ओपनएआइ का एआइ इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म ‘स्टारगेट’
पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अबू अबू धाबी के शासक व अधिकारियों के साथ ओपनएआइ सहित विभिन्न कंपनियों के अधिकारियों की टीम।
धाबी में शुरू किया जाएगा।
यह केंद्र दुनिया का सबसे बड़ा एआइ डेटा सेंटर होगा। स्टारगेट यूएई को 2,000 मील की परिधि में एआइ कंप्यूटिंग सेवा प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे विश्व की लगभग आधी आबादी तक तकनीकी पहुंच संभव होगी। यूएई दुनिया का पहला देश होगा, जहां चैटजीपीटी को पूरे देश में लागू किया जाएगा। यानी हर नागरिक को ओपनएआइ की तकनीक तक सीधी व स्थायी पहुंच मिलेगी। इस बहु- राष्ट्रीय परियोजना में जी42, ओरेकल, एनवीडिया, सिस्को और सॉफ्टबैंक जैसी वैश्विक टेक्नोलॉजी दिग्गज साझेदार हैं।
क्या है स्टारगेट प्रोजेक्ट?
स्टारगेट एक वैश्विक प्रोजेक्ट है, जिसमें ओपनएआइ अगले चार वर्षों में 500 अरब डॉलर (41 लाख करोड़ रुपए से अधिक) का निवेश कर फ्रंटियर-स्केल कंप्यूटिंग क्षमता विकसित करेगा। अबू धाबी में 1 गीगावाट की एआई कंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित की जाएगी, जिसमें 200 मेगावाट क्षमता 2026 तक चालू हो जाएगी। यह प्रोजेक्ट ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे क्षेत्रों में एआइ की पहुंच बनाएगा।
भारत से जुड़ाव और भविष्य की दिशा
भारत पहले ही ओपनएआइ के एआइ मिशनों और एप्लिकेशन डवलपमेंट पहलों को समर्थन दे चुका है, जिससे भविष्य में भारत में भी ऐसे प्रोजेक्ट की संभावना है। ओपनएआइ ने कहा है कि वह ‘ओपनएआइ फॉर कंट्रीज’ पहल के तहत 10 देशों में स्टारगेट मॉडल लागू करना चाहती है। चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर जेसन क्वॉन अगले सप्ताह एशिया- प्रशांत दौरे पर जाएंगे।
एआइ युग की नई जेबी डिवाइस की भी तैयारी
ओपनएआइ जॉनी आइव के स्टार्टअप ‘आईओ प्रोडक्ट्स’ को 6.5 बिलियन डॉलर में खरीद रही है। रिपोर्ट के मुताबिक जॉनी आइव और ओपनएआइ प्रमुख सैम ऑल्टमैन मिलकर एक नई एआइ डिवाइस तैयार कर रहे हैं, जो न तो फोन होगा और न ही चश्मा । यह डिवाइस स्क्रीन मुक्त और इंसानी जिंदगी और परिवेश को समझने वाली होगी। इसे जेब में रखा जा सकेगा या डेस्क पर। यह मैकबुक और आइफोन की तरह होगी।