डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका यूक्रेन को टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें देने के लिए तैयार नहीं है। यह बयान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से उनकी प्रस्तावित मुलाकात से ठीक पहले आया है। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात व्हाइट हाउस में होनी है। बता दें कि, डोनाल्ड ट्रंप ने यह टिप्पणी ऐसे समय दी है जब उन्होंने हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर युद्ध को लेकर लंबी चर्चा की है। ट्रंप ने कहा, ‘हमारे पास मिसाइलें हैं लेकिन हम उन्हें खत्म नहीं करना चाहते। अमेरिका को भी इनकी जरूरत है।’ इस बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिका यूक्रेन को इस रणनीतिक हथियार से लैस नहीं करेगा जबकि यूक्रेन लंबे समय से इन मिसाइलों की मांग करता रहा है।
टॉमहॉक मिसाइलें यूक्रेन के लिए इस युद्ध में अहम मानी जाती हैं, जिनकी मदद से वह रूसी सीमा के भीतर गहरे सैन्य ठिकानों, ऊर्जा केंद्रों और रणनीतिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है। राष्ट्रपति जेलेंस्की का मानना है कि ऐसे हमलों से पुतिन को युद्धविराम या सीधी बातचीत के लिए मजबूर किया जा सकता है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा है कि फोन पर बातचीत के दौरान पुतिन ने ट्रंप को चेतावनी दी कि यदि अमेरिका यूक्रेन को टॉमहॉक मिसाइलें देता है तो इससे क्षेत्रीय हालात भले न बदलें लेकिन अमेरिका-रूस संबंधों को गंभीर नुकसान पहुंचेगा।
गौरतलब है कि ट्रंप और जेलेंस्की की यह साल 2025 में चौथी आमने-सामने की मुलाकात होगी और एक महीने से भी कम समय में दूसरी बार। सूत्रों के अनुसार, ट्रंप आने वाले दिनों में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने वाले हैं। दोनों नेताओं ने अपने वरिष्ठ सलाहकारों को भी अगले सप्ताह किसी गुप्त स्थान पर मिलने का निर्देश दिया है।
इस्राइल-हमास संघर्ष में मध्यस्थता के बाद ट्रंप अब यूक्रेन युद्ध को अपनी विदेश नीति की शीर्ष प्राथमिकता बता रहे हैं। उनका कहना है कि यह संघर्ष जितनी जल्दी खत्म हो उतना बेहतर होगा और इसके लिए वह हर संभव प्रयास करेंगे।