बिहार की 18वीं विधानसभा का उद्घाटन सत्र आज से शुरू, राजनीतिक माहौल गर्माया

Vin News Network
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बिहार की 18वीं विधानसभा का उद्घाटन सत्र शुरू

बिहार की 18वीं विधानसभा का उद्घाटन सत्र आज से ऐतिहासिक गरिमा के साथ शुरू हो गया। राज्य की नई राजनीतिक परिस्थितियों, नई चुनौतियों और विकास के एजेंडे के बीच यह सत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विधानसभा परिसर में सुबह से ही राजनीतिक दलों की हलचल तेज दिखाई दी। मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्य, विपक्षी दलों के नेता तथा नए निर्वाचित विधायक उत्साह के साथ सदन में पहुंचे।

उद्घाटन सत्र की शुरुआत मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद राज्यपाल द्वारा अभिभाषण प्रस्तुत करने से हुई, जिसमें उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी नीतिगत योजनाओं की रूपरेखा रखी। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में बिहार के विकास की दिशा में हो रहे कार्यों, सुरक्षा व्यवस्था में सुधार, शिक्षा-स्वास्थ्य से जुड़े प्रयासों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने जैसे प्रमुख मुद्दों का उल्लेख किया।

यह सत्र इसलिए भी विशेष है क्योंकि इसमें कई नए चेहरे पहली बार विधानसभा में कदम रख रहे हैं। युवा विधायकों की बढ़ती संख्या से यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार विकास एवं रोजगार जैसे मुद्दों पर अधिक जोर दिया जाएगा। वहीं, अनुभवी नेताओं की उपस्थिति से सदन के संचालन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

सत्र की शुरुआत से पहले विधानसभा अध्यक्ष ने सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने और रचनात्मक बहस में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती बहस, संवाद और पारदर्शिता से होती है, इसलिए सभी दलों को constructive approach के साथ हिस्सा लेना चाहिए।

उद्घाटन सत्र में सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जाने की संभावना है। इनमें कृषि, शिक्षा सुधार, युवा रोजगार, डिजिटल बिहार के तहत नई सेवाओं का विस्तार, महिला सुरक्षा से जुड़े प्रावधान और न्यायिक संरचना को मजबूत करने वाले प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं। विपक्ष ने भी संकेत दिए हैं कि वह बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह सत्र सरकार और विपक्ष दोनों के लिए अहम है क्योंकि आने वाले समय में लोकसभा चुनाव भी निकट हैं। ऐसे में दोनों पक्ष विकास रिपोर्ट कार्ड पेश कर अपनी स्थिति मजबूत करने में जुट जाएंगे। इसके अलावा, राज्य के युवा तथा किसानों की अपेक्षाएँ भी इस सत्र में प्रमुख भूमिका निभाएंगी।

विधानसभा परिसर में मीडिया की विशेष गतिविधि देखने को मिली। पत्रकारों ने विभिन्न दलों के नेताओं से उनकी तैयारियों और रणनीति पर सवाल किए। कई नेताओं ने कहा कि वे जनता के मुद्दों को गंभीरता से सदन में उठाएँगे। कुछ विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर वादों को पूरा न करने के आरोप लगाए, जबकि सत्ताधारी विधायकों ने कहा कि सरकार लगातार विकास कार्यों पर काम कर रही है और आगामी सत्र में इसका परिणाम भी सामने आएगा।

सुरक्षा व्यवस्था भी सत्र के दौरान कड़ी कर दी गई है। विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। साथ ही, आगंतुकों की स्क्रीनिंग की जा रही है और सभी प्रवेश बिंदुओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

बिहार की 18वीं विधानसभा का यह उद्घाटन सत्र आने वाले दिनों में कई राजनीतिक घटनाओं और चर्चाओं का केंद्र बनेगा। जनता की उम्मीदें इस सत्र से बहुत अधिक हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और विपक्ष किस तरह मुद्दों को पेश करते हैं और इन्हें किस हद तक समाधान की दिशा में बढ़ाया जाता है। स्पष्ट है कि बिहार की राजनीति में यह सत्र एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, जहाँ विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही मुख्य केंद्र में रहने की उम्मीद है।

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