गंगा किनारे अंतिम संस्कार आमतौर पर श्रद्धा और शोक का प्रतीक होते हैं, लेकिन गुरुवार को गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़ जिले) के ब्रजघाट पर ऐसा नजारा देखने को मिला जिसे वहां मौजूद लोग शायद ही कभी भूल पाएँ। यहां चार युवक दिल्ली से कार में आए और शव की चादर में लिपटा पुतला लेकर गंगा घाट पहुंचे।
घटना का विवरण
स्थानीय श्मशान कर्मी और श्रद्धालु पहले यह मान बैठे कि यह कोई सामान्य अंतिम संस्कार है। उन्होंने घी, लकड़ी और अन्य सामग्री तैयार की और चिता सजाई। लेकिन जैसे ही शव को चादर में लेटा दिया गया, लोगों को कुछ गड़बड़ सी लगी। उन्होंने शव से चादर हटाने की बात कही, लेकिन युवक लगातार ऐसा करने से बचते रहे। इस दौरान श्मशान कर्मियों को भी शक हुआ और उन्होंने स्थानीय पुलिस को सूचना दी।
पुतला निकला, मामला हुआ खुलासा
पुलिस के दबाव और जाँच के बाद जब चादर हटाई गई तो सभी हैरान रह गए। शव के बजाय वहाँ प्लास्टिक का पुतला (मैनीक्विन) पड़ा था। इसके साथ ही कार में दो और पुतले भी पाए गए। घटना ने गंगा घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को चौंका दिया।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दिल्ली के दो कपड़ा व्यापारी—कमल सोमानी और आशीष खुराना—को हिरासत में लिया। जबकि उनके दो साथी इस समय फरार हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ जाँच और पूछताछ शुरू कर दी है।
मकसद और पृष्ठभूमि
पूछताछ में कमल सोमानी ने बताया कि वह लगभग 50 लाख रुपए के कर्ज में डूबा हुआ था। उसने कर्ज चुकाने के लिए एक जान-पहचान वाले युवक अंशुल के दस्तावेज किसी बहाने से ले लिए थे। इसके बाद उसने पुतलों का अंतिम संस्कार कर लोगों और प्रशासन को गुमराह करने की योजना बनाई।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि यह मामला धोखाधड़ी और धोखे के इरादे से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। युवक जान-बूझकर पुतले लेकर अंतिम संस्कार का नाटक कर रहे थे ताकि किसी को शक न हो और अपनी योजना को अंजाम दे सकें।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना ने घाट पर मौजूद लोगों को हैरान कर दिया। कई लोगों ने इसे बेशर्म और अजीबोगरीब नाटक करार दिया। श्मशान कर्मियों का कहना था कि उन्होंने ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से कहा कि वह शांत रहें और मामले की जांच पुलिस पर छोड़ दें।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस ने फरार युवकों की तलाश शुरू कर दी है और कार व पुतलों से जुड़े सभी सबूतों को अपने कब्जे में ले लिया है। इसके साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि युवकों का वास्तविक इरादा क्या था और क्या उनके द्वारा किसी को ठगने या फर्जी दस्तावेज तैयार करने की योजना बनाई गई थी।
गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट पर प्लास्टिक पुतले का अंतिम संस्कार न केवल अजीब घटना है बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे लोग धोखाधड़ी या कर्ज के दबाव में अजीब रास्ते अपनाते हैं। यह मामला प्रशासन और पुलिस के लिए एक चेतावनी भी है कि ऐसे संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्कता बढ़ाई जाए। घटना से स्थानीय लोगों में शांति और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। पुलिस मामले की गहन जाँच कर रही है और जल्द ही सभी संदिग्धों को पकड़ने का दावा किया है।