ईरान के ‘अजेय’ नौसेना प्रमुख का अंत: अलीरेजा तंगसीरी की मौत से टूटी मिडिल ईस्ट की सबसे मजबूत दीवार

Vin News Network
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"लहरों का सुल्तान" खामोश: इजरायली हमले के जख्म नहीं सह पाए कमांडर तंगसीरी।

तेहरान/यरूशलेम: मिडिल ईस्ट की समंदर की लहरों पर कभी जिस शख्स का खौफ बोलता था, आज उसकी मौत की खबर ने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है। ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) के सबसे भरोसेमंद और ताकतवर नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसीरी अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके निधन की पुष्टि खुद ईरानी मीडिया (IRIB) ने की है, जिससे यह साफ हो गया है कि इजरायल का वह ‘टारगेटेड ऑपरेशन’ पूरी तरह सफल रहा, जिसने बंदर अब्बास के तट को दहला दिया था।

तंगसीरी केवल एक जनरल नहीं थे; वे ईरान के लिए वह ढाल थे जिसने साल 2018 से ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ जैसे संवेदनशील समुद्री रास्ते पर अमेरिका और इजरायल की आंखों में आंखें डालकर बात की थी। 26 मार्च 2026 को बंदर अब्बास में हुए भीषण हवाई हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हालांकि उनके बचने की दुआएं मांगी जा रही थीं, लेकिन गहरे जख्मों ने एक योद्धा के सफर का अंत कर दिया।

ताश के पत्तों की तरह ढहता ईरान का साम्राज्य
तंगसीरी का जाना ईरान के लिए किसी वज्रपात से कम नहीं है, क्योंकि यह देश पिछले एक महीने से अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। एक-एक करके ईरान के वे ‘स्तंभ’ गिर रहे हैं जिन्होंने दशकों तक इस मुल्क की हिफाजत की थी।

आज ईरान की गलियों में सन्नाटा है, क्योंकि हाल के दिनों में उसने क्या कुछ नहीं खोया:

  • अयातुल्ला अली खामेनेई: 28 फरवरी को दुनिया ने देखा कि कैसे 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता रहे खामेनेई का युग एक धमाके के साथ समाप्त हो गया।
  • खुफिया और सुरक्षा तंत्र का खात्मा: 17 और 18 मार्च को अली लारीजानी और खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब जैसे दिग्गजों का मारा जाना यह बताता है कि इजरायल की खुफिया पैठ ईरान के बेडरूम तक पहुँच चुकी है।
  • सैन्य ढांचा ध्वस्त: वायुसेना प्रमुख अजीज नासिरजादेह से लेकर बासिज कमांडर घोलमरेजा सुलेमानी तक, ईरान ने अपने सबसे अनुभवी दिमागों को खो दिया है।


तंगसीरी को उनकी रणनीतिक चतुराई के लिए जाना जाता था। खाड़ी युद्ध के दौरान उन्होंने जिस तरह से पश्चिमी जहाजों को चुनौती दी, उसने उन्हें ईरान का हीरो बना दिया था। लेकिन आज, जब उनका साया हट गया है, तो सवाल यह है कि क्या ईरान फिर कभी संभल पाएगा? जिस ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर वे राज करते थे, क्या अब वहां इजरायल का वर्चस्व होगा?

बिना किसी मजबूत नेतृत्व के ईरान आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहाँ से उसे वापसी का रास्ता दिखाई नहीं दे रहा। तंगसीरी की मौत केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि ईरान के उस आत्मविश्वास की मौत है जो कभी अमेरिका को ललकारता था।

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