यूपी में SIR फॉर्म जमा करने की समय सीमा बढ़ी, अब 11 दिसंबर तक जमा कर सकेंगे फॉर्म

Vin News Network
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उत्तर प्रदेश में SIR फॉर्म की समय सीमा बढ़ाई गई, नागरिक अब 11 दिसंबर तक फॉर्म जमा कर सकते हैं।

उत्तर प्रदेश में SIR (Special Identification Report) फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख में 7 दिन की बढ़ोतरी कर दी गई है। अब नागरिक 11 दिसंबर 2025 तक अपना फॉर्म भरकर संबंधित अधिकारियों को जमा कर सकते हैं। इससे पहले यह समय सीमा 4 दिसंबर तक निर्धारित थी। राज्य निर्वाचन आयोग ने यह फैसला उन नागरिकों को सुविधा प्रदान करने और किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक समस्या से बचाने के लिए लिया है।

SIR फॉर्म नागरिकों को अपने मतदाता विवरण में सुधार करने और नए दस्तावेज जोड़ने का अवसर देता है। इसमें नाम, पता, उम्र, लिंग, जाति और फोटो जैसी जानकारी को अपडेट किया जा सकता है। यह प्रक्रिया न केवल नागरिकों की पहचान को सही करती है, बल्कि मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाती है। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि समय पर फॉर्म न भरने वाले नागरिकों के फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

निर्वाचन आयोग ने यह निर्णय इसलिए लिया है क्योंकि कई राज्यों में लोगों को फॉर्म भरने में दिक्कतें और तकनीकी समस्याएँ सामने आई थीं। आयोग ने नागरिकों को पर्याप्त समय देने के लिए डेडलाइन बढ़ाई है ताकि हर पात्र नागरिक अपने विवरण को सही और समय पर अपडेट कर सके।

SIR फॉर्म जमा करने में BLO (Booth Level Officer) और स्थानीय चुनाव अधिकारी अहम भूमिका निभाते हैं। ये अधिकारी नागरिकों को फॉर्म भरने में मार्गदर्शन देते हैं, उनकी जानकारी जांचते हैं और किसी भी तकनीकी समस्या का समाधान करते हैं। पिछले वर्षों के अनुभव से यह देखा गया है कि BLO के सहयोग से अधिक से अधिक लोग समय पर फॉर्म जमा कर पाते हैं।

SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और मतदान में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। यह प्रक्रिया लोकतंत्र की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है। सही और अद्यतन जानकारी रखने वाले नागरिकों का मतदाता सूची में नाम शामिल होना सुनिश्चित करता है कि कोई भी नागरिक मतदान प्रक्रिया से वंचित न रहे।

निर्वाचन आयोग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वह समय पर अपना SIR फॉर्म भरकर जमा करें। नई अंतिम तिथि 11 दिसंबर 2025 है। आयोग ने चेतावनी दी है कि देरी से जमा किए गए या असंपूर्ण फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि उत्तर प्रदेश में सभी पात्र नागरिक अपनी जानकारी सही और अद्यतन रख सकें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।

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