छिंदवाड़ा जिले में किसानों तक सरकारी योजनाओं की सीधी जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से कृषि रथ अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा हाल ही में भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश में “कृषक कल्याण वर्ष” की औपचारिक शुरुआत की गई। इसी क्रम में जिले और विकासखंड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर प्रत्येक विकासखंड के लिए एक-एक प्रचार रथ को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये कृषि रथ गांव-गांव जाकर किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कृषि एवं किसान हितैषी योजनाओं से अवगत करा रहे हैं।
इस पहल के तहत परासिया विकासखंड का कृषि रथ निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार ग्राम पंचायत मनियाखापा, खंसवाड़ा और मुसादेही पहुंचा। रथ के आगमन पर संबंधित ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इन विभागों के प्रतिनिधियों ने किसानों से सीधे संवाद कर योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और उनके सवालों के उत्तर भी दिए।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभ, रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग, नवीन उर्वरक ई-वितरण प्रणाली, फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया, डेयरी प्लस योजना, पशु बीमा योजना और समन्वित खेती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्राकृतिक खेती से न केवल लागत कम होती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी लंबे समय तक बनी रहती है। साथ ही ई-वितरण प्रणाली से उर्वरकों की पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित होगी और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सकेगी।
डेयरी और पशुपालन से जुड़े किसानों को पशु बीमा योजना के बारे में विस्तार से बताया गया, ताकि किसी भी आकस्मिक नुकसान की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके। समन्वित खेती को आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताते हुए अधिकारियों ने कहा कि फसल, पशुपालन, उद्यानिकी और अन्य गतिविधियों को एक साथ अपनाकर किसान अपनी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
इस कृषि रथ यात्रा का नेतृत्व कृषि रथ के नोडल एवं अनुविभागीय अधिकारी कृषि परासिया श्री प्रमोद सिंह उट्टी ने किया। उनके साथ सहायक नोडल श्री अमित बघेल, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. चेड़गे, कृषि विस्तार अधिकारी श्री के.आर. मस्तकार, सुश्री निकिता सिंह, स्वास्थ्य विभाग से श्रीमती आशा मंडराह, ग्राम पंचायत सचिव श्री द्वारका प्रसाद चंद्रवंशी, श्री अशोक साहू, श्री विनय शर्मा सहित राजस्व विभाग के पटवारी श्री सुशील चंद्रवंशी, श्री धनपाल नागवंशी और श्री अर्जुन ठाकरे उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम सरपंच, उपसरपंच और पंचों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
अधिकारियों ने बताया कि कृषि रथ अभियान का उद्देश्य केवल योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि किसानों को आधुनिक तकनीकों, नई सरकारी पहलों और आत्मनिर्भर खेती के प्रति प्रेरित करना भी है। गांवों में सीधे पहुंचकर संवाद करने से किसानों की शंकाओं का समाधान मौके पर ही हो पा रहा है, जिससे योजनाओं का लाभ तेजी से और प्रभावी ढंग से उन तक पहुंच सके।
कृषि रथ के माध्यम से हो रहे इन कार्यक्रमों को किसानों ने भी सकारात्मक रूप से लिया है। कई किसानों ने बताया कि एक ही मंच पर विभिन्न विभागों की जानकारी मिलने से उन्हें काफी सुविधा हुई है और अब वे योजनाओं का लाभ लेने के लिए अधिक जागरूक और आश्वस्त महसूस कर रहे हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार आने वाले दिनों में यह कृषि रथ अभियान छिंदवाड़ा जिले की अन्य ग्राम पंचायतों में भी पहुंचेगा। उम्मीद है कि “कृषक कल्याण वर्ष” के तहत शुरू की गई यह पहल किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने, उनकी आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।