प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 16वें वित्त आयोग का प्रतिनिधिमंडल आज मुलाकात के लिए पहुंचा, जहां आयोग ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट की प्रति प्रधानमंत्री को सौंपी। यह रिपोर्ट 1 अप्रैल 2026 से अगले पाँच वर्षों की अवधि के लिए केंद्र और राज्यों के बीच राजस्व वितरण, राज्यों को मिलने वाले अनुदान, और आपदा प्रबंधन के लिए वित्तीय प्रावधानों की व्यापक सिफारिशें प्रस्तुत करती है। पीएम मोदी ने इस बैठक की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की और आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया तथा सदस्यों से हुई चर्चा का उल्लेख किया।
इससे पहले आयोग ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भी सौंप दी। आयोग ने अपने कार्यकाल के दौरान केंद्र व राज्य सरकारों के वित्त, स्थानीय निकायों की स्थिति, पूर्व वित्त आयोगों की रिपोर्टों, और विशेषज्ञ संस्थानों के विचारों का गहन अध्ययन किया। इसी आधार पर व्यापक परामर्शों और तथ्यात्मक विश्लेषण के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार की गई है।
सरकारी बयान के अनुसार, संसद में अनुच्छेद 281 के तहत केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद यह दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। 16वें वित्त आयोग का गठन राष्ट्रपति द्वारा किया गया था। आयोग की अध्यक्षता डॉ. अरविंद पनगढ़िया ने की जबकि एनी जॉर्ज मैथ्यू, डॉ. मनोज पांडा, टी. रबी शंकर और डॉ. सौम्यकांति घोष सदस्य थे। आयोग के सचिव ऋत्विक पांडे ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।