विजय हजारे ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप मैच में बिहार ने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 50 ओवर में 574/6 का विश्व रिकॉर्ड स्कोर बनाया। यह मैच एकतरफा रहा, जिसमें बिहार ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और मौजूदा परिस्थितियों का भरपूर फायदा उठाते हुए विपक्षी टीम के गेंदबाजों को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया।
इस रिकॉर्ड स्कोर के केंद्र में 14 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और कप्तान सकीबुल गनी थे, जिन्होंने तेजतर्रार सेंचुरी बनाकर टीम को भारी योगदान दिया। वैभव सूर्यवंशी ने मात्र 84 गेंदों में 190 रन की धुआंधार पारी खेली और अपनी सेंचुरी सिर्फ 36 गेंदों में पूरी की, जो भारतीय लिस्ट A क्रिकेट में दूसरी सबसे तेज सेंचुरी है। उनका यह प्रदर्शन सिर्फ बिहार के स्कोर को बढ़ाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि AB de Villiers के 2015 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ बनाए गए पुरुष लिस्ट A क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया, वैभव ने 150 रन केवल 59 गेंदों में पूरे किए, जबकि डिविलियर्स को यह आंकड़ा 64 गेंदों में हासिल हुआ था।
वैभव सूर्यवंशी की इस शानदार पारी में 16 चौके और 15 छक्के शामिल थे, और उनकी स्ट्राइक रेट 226.19 रही। यह उनकी वरिष्ठ स्तर पर पहली गैर-T20 सेंचुरी थी और उन्होंने केवल सातवें लिस्ट A मैच में यह उपलब्धि हासिल की, क्योंकि उनका हाल ही में मध्य प्रदेश के खिलाफ पदार्पण हुआ था। उनके आक्रामक अंदाज और बेखौफ बल्लेबाजी ने बिहार को रिकॉर्ड स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
कप्तान सकीबुल गनी ने भी तेज बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत आधार दिया। उनकी तेजतर्रार पारी और वैभव सूर्यवंशी के साथ तालमेल ने बिहार को लिस्ट A क्रिकेट के इतिहास में सर्वोच्च स्कोर बनाने में मदद की। इस रिकॉर्ड से पहले लिस्ट A टीम रिकॉर्ड तमिलनाडु के 506/2 का था, जिसे बिहार ने आसानी से पीछे छोड़ दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रदर्शन भारतीय घरेलू क्रिकेट में नए मानक स्थापित करता है। इतने कम समय में इतनी बड़ी पारी खेलना न केवल वैभव की तकनीकी क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह दिखाता है कि युवा खिलाड़ी किसी भी स्तर पर उच्च प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। घरेलू क्रिकेट में ऐसे प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और संभावनाओं को बढ़ाने में मदद करते हैं।
वैभव सूर्यवंशी की पारी ने यह भी साबित किया कि बिहार में क्रिकेट की प्रतिभा अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौती देने में सक्षम है। उनके खेल ने युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनकर यह संदेश दिया कि सीमित अनुभव के बावजूद आक्रामक और स्मार्ट खेल से रिकॉर्ड बनाया जा सकता है।
इस मैच में बिहार ने बल्लेबाजी के हर पहलू में महारत दिखाई। स्ट्राइक रोटेशन, बड़े शॉट और निरंतर रन बनाने की क्षमता ने विपक्षी गेंदबाजों को पूरी तरह परेशान किया। वैभव सूर्यवंशी की पारी के अलावा टीम के अन्य बल्लेबाजों का सहयोग भी उल्लेखनीय रहा, जिससे बिहार ने लिस्ट A क्रिकेट में इतिहास रच दिया।
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि विजय हजारे ट्रॉफी में इस तरह की धमाकेदार पारी घरेलू क्रिकेट के स्तर को नई ऊंचाइयों तक ले जाती है। यह सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि बिहार टीम की सामूहिक ताकत और रणनीति का भी प्रदर्शन है।
वैभव सूर्यवंशी की 36-बॉल सेंचुरी और 190 रन की विस्फोटक पारी ने बिहार को न केवल विजय दिलाई, बल्कि 50-ओवर क्रिकेट में सर्वोच्च टीम स्कोर का विश्व रिकॉर्ड भी बना दिया। यह पारी भारतीय घरेलू क्रिकेट के इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में काम करेगी।