मुंबई। दुनिया के सबसे अमीर शख्स और टेस्ला कंपनी के सीईओ एलन मस्क ने आखिरकार भारत में अपने ड्रीम प्रोजेक्ट की शुरुआत कर दी है। टेस्ला इंडिया ने अपना पहला शोरूम मुंबई में लॉन्च किया है, और इसके साथ ही देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की दुनिया एक नए युग में प्रवेश कर गई है। कंपनी ने शुरुआत में Model Y को लॉन्च किया है, लेकिन भारत में इसकी कीमत को लेकर विवाद और चर्चा दोनों ज़ोरों पर हैं।
पूरा मामला क्या है?
एलन मस्क की टेस्ला को लेकर भारतीय बाजार में लंबे समय से चर्चाएं चल रही थीं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मस्क ने टेस्ला के भारत आने की पुष्टि की थी। अब जब कंपनी ने मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में पहला शोरूम खोल दिया है, तो EV प्रेमियों के बीच उत्साह की लहर है। लेकिन इस उत्साह के साथ-साथ एक बड़ा सवाल भी उठ खड़ा हुआ है अमेरिका और चीन जैसे देशों में जहां टेस्ला की Model Y कार लगभग ₹35 लाख में मिल जाती है, वहीं भारत में इसकी कीमत लगभग ₹70 लाख से अधिक क्यों है?
Model Y की कीमत इतनी ज्यादा क्यों?
भारत में टेस्ला की गाड़ियों पर इतना ज़्यादा टैक्स क्यों लग रहा है, इसका जवाब है भारत की मौजूदा इंपोर्ट ड्यूटी पॉलिसी। फिलहाल भारत में कंप्लीट बिल्ट यूनिट (CBU) के रूप में आयात की गई कारों पर लगभग 100% तक टैक्स लग जाता है। यानी अगर किसी गाड़ी की बेस कीमत ₹35 लाख है, तो भारत आने के बाद उसकी कीमत सीधे ₹70 लाख या उससे अधिक हो जाती है।
भारत सरकार की नीति है कि विदेशी कंपनियां यहां मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाएं ताकि देश के रोजगार और अर्थव्यवस्था को लाभ हो। लेकिन एलन मस्क की कंपनी फिलहाल भारत में केवल आयातित यूनिट्स बेच रही है।
EV बाज़ार में टेस्ला की भूमिका
भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन अभी तक बाजार में महिंद्रा, टाटा और MG जैसी कंपनियों का दबदबा है। टेस्ला की एंट्री से लग्ज़री EV सेगमेंट को नया जीवन मिलेगा, लेकिन कीमत को लेकर सीमाएं भी होंगी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर टेस्ला को भारत में सफल होना है तो उसे यहां असेंबली या मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू करनी ही होगी। इससे कीमतें कम होंगी और प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी।

भारत में मैन्युफैक्चरिंग की संभावना
एलन मस्क ने पहले संकेत दिया था कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने पर विचार किया जा रहा है। कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्य पहले ही टेस्ला को आकर्षित करने के लिए पॉलिसी और भूमि प्रस्ताव दे चुके हैं।
अगर टेस्ला यहां पर मैन्युफैक्चरिंग शुरू करती है, तो गाड़ियों की कीमतें 30-40% तक घट सकती हैं, जिससे ये कारें आम ग्राहकों की पहुंच में आ जाएंगी।
ग्लोबल और इंडियन मार्केट में अंतर
| देश | Model Y की अनुमानित कीमत |
|---|---|
| अमेरिका | ₹35 लाख |
| चीन | ₹32 लाख |
| यूरोप | ₹38 लाख |
| भारत | ₹70+ लाख |
यह तालिका साफ बताती है कि भारत में EV खरीदना अभी भी एक लग्जरी से कम नहीं है।
Model Y की खासियतें
- बैटरी रेंज: 500 किमी (एक बार चार्ज में)
- 0-100 किमी/घंटा: 4.8 सेकंड में
- फुल चार्ज टाइम: 30 मिनट (Supercharger के साथ)
- AI ऑटोपायलट, सेफ्टी फीचर्स और फ्यूचरिस्टिक इंटीरियर
सरकार क्या कर सकती है?
भारत सरकार अगर EV क्षेत्र में विदेशी निवेश को आकर्षित करना चाहती है, तो उसे CBU टैक्स में राहत देनी होगी, खासकर तब तक जब तक कंपनियां भारत में यूनिट नहीं लगातीं। इसके अलावा, EV को और ज्यादा सस्ता और सुलभ बनाने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देना ज़रूरी है।