छठ महापर्व के दूसरे दिन विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने छोटे कामगारों और स्थानीय प्रतिनिधियों के लिये कई घोषणाएँ की। आगामी विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की जीत का भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बनने पर त्वरित आर्थिक व सामाजिक लाभ सुनिश्चित किए जाएंगे। तेजस्वी ने पोलो रोड स्थित आवास पर प्रेस वार्ता में कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने पर त्रिस्तरीय पंचायत और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों के मानदेय को दोगुना किया जाएगा और उन्हें पेंशन देने की व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसके अलावा छोटे कारीगरों व कामगारों को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता और अन्य लाभ देने का प्रस्ताव रखा गया।
पंचायत प्रतिनिधियों के लाभ
त्रिस्तरीय पंचायत और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों का मानदेय दोगुना।
पंचायत/ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों के लिए पेंशन की शुरुआत।
हर प्रतिनिधि का 50 लाख रुपए तक बीमा कराया जाएगा।
राशि तथा आर्थिक सहायता
नाई, बढ़ई, कुम्हार, लोहार और अन्य छोटे कारीगरों को एकमुश्त ₹5 लाख आर्थिक सहायता दी जाएगी ताकि वे स्वरोजगार शुरू कर सकें।
जन वितरण प्रणाली (PDS) के वितरकों का मानदेय नियमित किया जाएगा और प्रति क्विंटल मिलने वाली मार्जिन मनी बढ़ाई जाएगी।
सरकार बनने पर अनुकम्पा में लागू 58 वर्ष की आयु संबंधी बाध्यता लागू की जाएगी (विवरण लागू नियम के अनुरूप)।
संविदा कर्मचारियों/जीविका से जुड़े कर्मियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने के पहले किए गए वादों का जिक्र किया गया।
तेजस्वी ने अपने भाषण में कहा कि जनता वर्तमान सरकार से परेशान है और बदलाव चाहती है। उन्होंने बताया कि महागठबंधन को सिर्फ 20 महीनों का समय दिया जाए तो कमी दूर कर दी जाएगी। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि मौजूदा शासन में अपराध और भ्रष्टाचार बढ़े हैं और बिहार विकास में पीछे रह गया है।तेजस्वी ने केन्द्र व राज्य सरकार की नीतियों पर भी निशाना साधा और कहा कि विकास के कई वादे पूरे नहीं किए गए। उन्होंने गुजरात के उदाहरण का हवाला देते हुए कहा कि वहां नए उद्योग लगे जबकि बिहार में उद्योग लगाने में बाधाएँ बताई गईं।
नतीजा
तेजस्वी यादव की घोषणाएँ सीधे रूप से प्रतिनिधियों, छोटे कारीगरों और PDS वितरकों को आर्थिक सुरक्षा देने पर केंद्रित हैं। अगर महागठबंधन सत्ता में आता है तो इन वादों के क्रियान्वयन को उनकी प्राथमिकताओं में शामिल बताया गया है।