पहले चरण के मतदान से महज दो दिन पहले बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और राजद नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार को बड़ा ऐलान करते हुए वोटरों को साधने की कोशिश की है। उन्होंने घोषणा की कि अगर महागठबंधन की सरकार बनती है, तो “माई बहिन योजना” के तहत राज्य की महिलाओं को एकमुश्त 30 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। तेजस्वी ने कहा, ‘सरकार बनने के बाद 14 जनवरी को हमारी सरकार एक साल की पूरी राशि सीधे माताओं और बहनों के खाते में भेजेगी।’
यही नहीं, तेजस्वी यादव ने रोजगार और किसानों के मुद्दे पर भी कई वादे किए। उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही जीविका (कम्युनिटी मोबिलाइज़र) कार्यकर्ताओं को स्थायी किया जाएगा और उन्हें हर महीने 30 हजार रुपये वेतन दिया जाएगा। किसानों के लिए भी उन्होंने राहत भरा वादा किया कि सिंचाई के लिए बिजली पूरी तरह मुफ्त की जाएगी। फिलहाल राज्य में सिंचाई के लिए 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली शुल्क लिया जाता है जिसे नई सरकार खत्म कर देगी।
तेजस्वी यादव ने व्यापारिक वर्ग को भी भरोसा दिलाया कि राज्य के 8463 पैक्स (PACs) को जनप्रतिनिधि का दर्जा दिया जाएगा, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर अधिक अधिकार और सुविधा मिलेगी। जब पत्रकारों ने सवाल किया कि ‘हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी’ देने के लिए बजट कहां से आएगा, तो तेजस्वी यादव ने पलटवार करते हुए कहा,’हमने विशेषज्ञों से चर्चा के बाद यह योजना बनाई है। भाजपा वाले सवाल उठाते हैं, लेकिन हमने 17 महीने के कार्यकाल में 5 लाख नौकरियां दी थीं और साढ़े तीन लाख भर्ती प्रक्रिया में थीं। जब हमारी सरकार बनेगी, तब सबको पता चल जाएगा कि कुछ भी असंभव नहीं।
तेजस्वी यादव के इन ऐलानों ने बिहार की सियासी सरगर्मी को और तेज कर दिया है। अब देखना यह होगा कि उनके ये वादे जनता के दिल को कितना छू पाते हैं और चुनावी मैदान में कितना असर दिखाते हैं।