बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले राजद नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उनके साथ सांसद मीसा भारती भी मौजूद थीं। इस दौरान तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने चुनाव ड्यूटी के लिए ज्यादातर सुरक्षा बल और पुलिस ऑब्जर्वर भाजपा शासित राज्यों से भेजे हैं, जिससे निष्पक्षता पर सवाल उठता है। यादव ने पूछा कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और झारखंड जैसे गैर-भाजपा राज्यों से बल क्यों नहीं मंगाए गए?
तेजस्वी यादव ने गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री विकास की बात करने के बजाय “कट्टे और बाहुबलियों” की भाषा बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कई आपराधिक छवि वाले नेताओं के साथ मंच साझा किया और यहां तक कि सृजन घोटाले के आरोपी विपिन शर्मा से भी मुलाकात की। तेजस्वी ने कहा, “प्रधानमंत्री ने अनंत सिंह और हुलास पांडे जैसे बाहुबलियों के लिए प्रचार किया, जबकि हम विकास और रोजगार की बात कर रहे हैं।”
प्रेस वार्ता में तेजस्वी यादव ने दावा किया कि जनता बदलाव के मूड में है। उन्होंने कहा कि अब बिहार के लोग 20 साल पुरानी सरकार से ऊब चुके हैं और इस बार इतिहास रचने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अब तक 171 जनसभाएं की हैं और हर जिले में जनता का जबरदस्त समर्थन मिला है।
तेजस्वी यादव ने इस दौरान अपनी चुनावी घोषणाओं को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि अगर महागठबंधन की सरकार बनती है, तो 14 जनवरी को महिलाओं के खाते में 30 हजार रुपये डाले जाएंगे और जीविका दीदियों का ब्याज माफ किया जाएगा। साथ ही ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने, किसानों को फ्री बिजली देने और ‘बेटी योजना’ व ‘मां योजना’ शुरू करने का वादा किया। कानून व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही अपराधियों पर नकेल कस दी जाएगी।
तेजस्वी यादव ने समस्तीपुर में पर्चियां मिलने के मामले का भी जिक्र किया और कहा कि इससे मतदाताओं में डर का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री पटना में डेरा डाले हुए हैं और अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि “कहां गड़बड़ी करनी है।” तेजस्वी ने कहा, “हमारे पास पक्की जानकारी है कि कुछ अधिकारियों को साजिशन इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन जनता सब देख रही है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने अभी तक पहले चरण की मतदान रिपोर्ट जारी नहीं की है, जिससे संदेह बढ़ रहा है। तेजस्वी ने कहा कि “अब बिहार की जनता झूठे वादों में नहीं फंसेगी, इस बार सत्ता में बदलाव तय है।”