Tamil Nadu में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले National Democratic Alliance (NDA) के सहयोगी दलों के बीच सीट शेयरिंग फॉर्मूला तय हो गया है। राज्य में गठबंधन की अगुवाई AIADMK कर रहा है। 23 अप्रैल 2026 को होने वाले चुनाव के लिए सात सहयोगी दलों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है।
BJP समेत सहयोगियों को मिलीं इतनी सीटें
समझौते के अनुसार Bharatiya Janata Party (BJP) 27 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। वहीं Pattali Makkal Katchi (PMK) को 18 सीटें मिली हैं। Amma Makkal Munnetra Kazhagam (AMMK) 11 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि Tamil Maanila Congress (TMC) को 5 सीटें दी गई हैं। इसके अलावा Indhiya Jananayaka Katchi (IJK) 2 सीटों पर, Tamilaga Makkal Munnetra Kazhagam (TMMK) 1 सीट पर और Puthiya Bharatham 1 सीट पर चुनाव लड़ेगी।
AIADMK ने जारी की पहली उम्मीदवार सूची
मुख्य विपक्षी दल AIADMK ने 25 मार्च को अपने 23 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी प्रमुख Edappadi K. Palaniswami को एक बार फिर सेलम जिले की एडप्पाडी सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। सूची में के. पी. मुनुसामी, डिंडीगुल सी. श्रीनिवासन और नाथम आर. विश्वनाथन जैसे वरिष्ठ नेताओं के टिकट बरकरार रखे गए हैं। पश्चिमी तमिलनाडु के प्रभावशाली नेताओं एस. पी. वेलुमणि और पी. थंगामणि को क्रमशः थोंडामुथुर और कुमारापलायम से मैदान में उतारा गया है।
एक ही चरण में होगा मतदान
Election Commission of India के अनुसार राज्य की सभी सीटों पर एक ही चरण में 23 अप्रैल को मतदान होगा। नामांकन प्रक्रिया 30 मार्च से शुरू होगीऔर 4 मई को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव नजदीक आते ही सभी राजनीतिक दलों ने प्रचार, गठबंधन प्रबंधन और मतदाताओं तक पहुंच बनाने की रणनीति तेज कर दी है।
पलानीस्वामी फिर शुरू करेंगे प्रचार
पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके महासचिव Edappadi K. Palaniswami 25 मार्च से अपना चुनाव प्रचार अभियान दोबारा शुरू करने जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार वह Chennai के मायलापुर विधानसभा क्षेत्र के मांडावेली मार्केट इलाके में जनसभा को संबोधित करेंगे। इस रैली के साथ ही राज्य में चुनावी मुकाबला और तेज होने की उम्मीद है।
तमिलनाडु की राजनीति में यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। सीट बंटवारे के बाद अब सभी दल पूरी ताकत से मैदान में उतर चुके हैं, जिससे आने वाले हफ्तों में सियासी तापमान और बढ़ने वाला है।